'उन्हें तो 24 घंटे के अंदर...', महाभारत के युधिष्ठिर ने इमरान खान को बताया देशद्रोही
बीआर चोपड़ा के ऐतिहासिक धारावाहिक 'महाभारत' में 'धर्मराज युधिष्ठिर' का कालजयी किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाले वरिष्ठ अभिनेता गजेंद्र चौहान अपने बेबाक बयानों को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की डांवाडोल सियासत, लगातार बढ़ते आंतरिक संघर्ष और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मौजूदा कानूनी व राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए गजेंद्र चौहान ने बेहद तल्ख रुख अपनाया है। एक मीडिया साक्षात्कार के दौरान पाकिस्तान के मौजूदा हालात पर बात करते हुए अभिनेता ने इमरान खान को सीधे तौर पर 'देशद्रोही' करार दिया और कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए मुल्क के बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया है। गजेंद्र चौहान का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया मंचों पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसमें उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर कोई अपने ही देश के खिलाफ बगावत भड़काता है, तो ऐसे व्यक्ति के खिलाफ 24 घंटे के भीतर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
इमरान खान पर गजेंद्र चौहान का तीखा हमला और 24 घंटे वाली बात
इंटरव्यू के दौरान जब गजेंद्र चौहान से पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की कानूनी चुनौतियों, अदालती मामलों और उनके समर्थकों द्वारा किए गए उपद्रवों को लेकर सवाल पूछा गया, तो अभिनेता ने बिना लाग-लपेट अपनी दो-टूक राय रखी। चौहान ने कहा कि जो व्यक्ति अपने निजी राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए देश की सेना, सरकारी प्रतिष्ठानों और राष्ट्रीय संपत्ति पर हमले करवाए, उसे किसी भी सूरत में सच्चा राजनेता या देशभक्त नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि ऐसे नेता को देशद्रोही की श्रेणी में ही रखा जाना चाहिए और कानून के तहत तो उन्हें 24 घंटे के अंदर ऐसी कड़ी सजा मिलनी चाहिए जो दूसरों के लिए मिसाल बने। उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी भी मुल्क के लिए उसका संविधान और उसकी संप्रभुता सबसे ऊपर होती है, और जब कोई नेता सत्ता से बेदखल होते ही अपने ही मुल्क में आग लगाने की कोशिश करे, तो उसके साथ किसी भी तरह की रियायत नहीं बरती जानी चाहिए।
पाकिस्तान के मौजूदा राजनीतिक संकट पर धर्मराज का नजरिया
गजेंद्र चौहान ने पाकिस्तान के आंतरिक हालातों पर विश्लेषण करते हुए कहा कि वहां की अवाम को दशकों से सिर्फ झूठे वादों, भारत-विरोधी बयानों और कट्टरता की अफीम चटाकर गुमराह किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि इमरान खान जब सत्ता में आए थे तो उन्होंने 'नया पाकिस्तान' और 'रियासत-ए-मदीना' बनाने का लंबा-चौड़ा दावा किया था, लेकिन हकीकत यह निकली कि उनके कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था गर्त में चली गई, महंगाई ने जनता की कमर तोड़ दी और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मुल्क अलग-थलग पड़ गया। अभिनेता ने रेखांकित किया कि इमरान खान ने अपने शासनकाल में भारत के खिलाफ लगातार जहर उगला और कश्मीर के नाम पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ड्रामा रचा, लेकिन जब खुद पर गाज गिरी तो वे अपनी ही व्यवस्था और फौज के खिलाफ मोर्चा खोलकर बैठ गए। चौहान के अनुसार, यह साफ दर्शाता है कि इमरान खान का मकसद कभी अवाम की भलाई नहीं, बल्कि सिर्फ और सिर्फ अपनी निजी सत्ता को बरकरार रखना था।
बीआर चोपड़ा की महाभारत से लेकर राजनीतिक मुखरता तक का सफर
गजेंद्र चौहान केवल एक अभिनेता ही नहीं रहे हैं, बल्कि वे लंबे समय से भारतीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर भी मुखर राय रखते आए हैं। 80 के दशक के अंत में दूरदर्शन पर प्रसारित बीआर चोपड़ा की 'महाभारत' में युधिष्ठिर के गंभीर, सत्यवादी और धर्मपरायण चरित्र को जिस सहजता से उन्होंने पर्दे पर जिया था, उसकी यादें आज भी भारतीय दर्शकों के जेहन में ताजा हैं। इसके बाद वे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) के चेयरमैन भी रहे और वर्तमान में भी सांस्कृतिक व समसामयिक विषयों पर खुलकर अपने विचार व्यक्त करते हैं। यही वजह है कि जब भी वे किसी अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय विषय पर टिप्पणी करते हैं, तो उनकी बात को सोशल मीडिया और मुख्यधारा के मीडिया में व्यापक कवरेज मिलती है। उनके इस ताजा बयान को भी भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ के नेटिजन्स के बीच बड़े पैमाने पर साझा किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर बयान को लेकर छिड़ी जोरदार बहस
गजेंद्र चौहान द्वारा इमरान खान को 'देशद्रोही' कहे जाने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। भारतीय यूजर्स के एक बड़े वर्ग ने अभिनेता के रुख का पुरजोर समर्थन करते हुए लिखा कि इमरान खान ने हमेशा भारत के प्रति दुर्भावना फैलाई और आज वे अपने ही कर्मों का फल भुगत रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि जो नेता अपने देश की संसद, सुप्रीम कोर्ट और बुनियादी संस्थाओं को चुनौती देकर अराजकता फैलाए, उसके लिए यह टिप्पणी बिल्कुल सटीक बैठती है। वहीं दूसरी ओर, डिजिटल मंचों पर कुछ पाकिस्तानी और इमरान समर्थक यूजर्स इस बयान पर नाराजगी जताते हुए इसे आंतरिक मामलों में बयानबाजी बता रहे हैं। हालांकि, इन तमाम प्रतिक्रियाओं के बीच गजेंद्र चौहान ने स्पष्ट कर दिया है कि वे सत्य और न्याय के पक्ष में अपनी बात बिना किसी संकोच के हमेशा रखते रहेंगे।
पतन की ओर बढ़ता पाकिस्तान और नेतृत्व का संकट
अपनी बात के अंत में गजेंद्र चौहान ने कहा कि पाकिस्तान का संकट केवल इमरान खान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वहां की पूरी व्यवस्था के खोखलेपन का नतीजा है। उन्होंने कहा कि जब तक कोई देश अपने पड़ोसियों के साथ शांति, सद्भाव और आपसी विकास की नीति अपनाने के बजाय आतंक और नफरत का रास्ता चुनेगा, तब तक उसका ऐसा ही हश्र होना तय है। उन्होंने भारतीय नेतृत्व और भारत की तेजी से बढ़ती वैश्विक साख की सराहना करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की आर्थिक और कूटनीतिक ताकत का लोहा मान रही है, जबकि हमारे पड़ोस में अस्थिरता और राजनीतिक पतन का तमाशा चल रहा है। अभिनेता के इस बेबाक साक्षात्कार ने एक बार फिर दोनों मुल्कों के राजनीतिक समीकरणों और इमरान खान के भविष्य को लेकर मीडिया में एक नई बहस छेड़ दी है।