फ्री इलाज और 90% तक सस्ती दवाएं: बस डायल करें ये 2 सरकारी हेल्पलाइन नंबर, तुरंत मिलेगी हर मदद

फ्री इलाज और 90% तक सस्ती दवाएं: बस डायल करें ये 2 सरकारी हेल्पलाइन नंबर, तुरंत मिलेगी हर मदद

स्वास्थ्य से जुड़ी आपात स्थिति या लंबी बीमारी के दौरान सबसे बड़ा बोझ महंगे इलाज और भारी-भरकम मेडिकल बिल का होता है। देश में करोड़ों लोग हर साल सिर्फ इसलिए कर्ज में डूब जाते हैं क्योंकि अस्पताल का खर्च और दवाओं की कीमतें उनके बजट से बाहर हो जाती हैं। आम जनता को इस आर्थिक संकट से बचाने के लिए सरकार दो बेहद असरदार योजनाएं चलाती है—आयुष्मान भारत (PM-JAY) और प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP)। अधिकतर लोगों को यह तो पता होता है कि ऐसी योजनाएं चल रही हैं, लेकिन जरूरत के वक्त नजदीकी अस्पताल ढूंढने, कार्ड की पात्रता जांचने या सस्ती जेनेरिक दवाएं कहां मिलेंगी, इसकी सटीक जानकारी नहीं मिल पाती। अगर आपके फोन में ये दो आधिकारिक टोल-फ्री नंबर सेव हैं, तो आपको कहीं भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

पहला नंबर: 14555 (आयुष्मान भारत – ₹5 लाख तक के मुफ्त इलाज की पूरी जानकारी)

पहला और सबसे अहम नंबर है 14555 (वैकल्पिक टोल-फ्री नंबर 1800-111-565)। यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) का 24x7 एक्टिव रहने वाला हेल्पलाइन नंबर है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मिलता है।

इस नंबर पर डायल करके आप कई महत्वपूर्ण सुविधाएं ले सकते हैं:

  • पात्रता की पुष्टि: आप अपने राशन कार्ड, आधार कार्ड या मोबाइल नंबर के जरिए तुरंत जान सकते हैं कि आपका या आपके परिवार का नाम लाभार्थी सूची में शामिल है या नहीं।

  • अस्पताल की खोज: आपके घर या जिले के सबसे नजदीक कौन सा सरकारी या प्राइवेट अस्पताल आयुष्मान योजना से जुड़ा है, इसकी पूरी सूची और संपर्क विवरण यहां से मिल जाता है।

  • कार्ड बनवाने की प्रक्रिया: अगर आपका नाम लिस्ट में है लेकिन आयुष्मान कार्ड नहीं बना है, तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या अस्पताल के आयुष्मान मित्र से संपर्क करने का तरीका बताया जाता है।

  • इलाज के दौरान परेशानी की शिकायत: यदि कोई सूचीबद्ध अस्पताल आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद भर्ती करने से मना करता है या पैसे मांगता है, तो आप इसी नंबर पर तुरंत अपनी सीधी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

दूसरा नंबर: 1800-180-8080 (जनऔषधि परियोजना – 50% से 90% तक सस्ती दवाओं की तलाश)

बीमारी में इलाज के बाद सबसे ज्यादा जेब कटती है नियमित दवाओं के बिल पर। इसके लिए सरकार की प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना का हेल्पलाइन नंबर 1800-180-8080 बेहद मददगार साबित होता है। इस नंबर पर कॉल करके आप ब्रांडेड दवाओं के मुकाबले 50 से 90 फीसदी तक सस्ती, उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता का पता लगा सकते हैं।

इस हेल्पलाइन से मिलने वाले मुख्य लाभ:

  • नजदीकी जनऔषधि केंद्र की जानकारी: आपके पिनकोड या इलाके के पास कौन सा जनऔषधि स्टोर खुला है और उसका सही पता क्या है, यह जानकारी कॉल पर तुरंत दे दी जाती है।

  • सॉल्ट और दवा का मिलान: अगर डॉक्टर ने किसी महंगी कंपनी की दवा लिखी है, तो उसका जेनेरिक विकल्प (सॉल्ट) जनऔषधि केंद्र पर किस नाम और कितनी कम कीमत में उपलब्ध है, इसकी सटीक जानकारी मिलती है।

  • स्टॉक और उपलब्धता की जांच: सर्जिकल सामान, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जेनेरिक दवाएं संबंधित केंद्र पर उपलब्ध हैं या नहीं, इसके बारे में मार्गदर्शन मिलता है।

  • स्टोर संबंधी शिकायत: यदि कोई स्टोर संचालक एमआरपी से ज्यादा पैसे लेता है या बिल देने में आनाकानी करता है, तो फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेज ब्यूरो ऑफ इंडिया (PMBI) में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

स्मार्ट तरीका: फोन में सेव रखें ये नंबर और 'जनऔषधि सुगम' ऐप का करें इस्तेमाल

अक्सर स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें अचानक सामने आती हैं, इसलिए समझदारी इसी में है कि इन दोनों नंबरों को अपने और परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल में सुरक्षित सेव रखें। इन दोनों हेल्पलाइन के अलावा आप प्ले स्टोर से 'आयुष्मान ऐप' (Ayushman App) और 'जनऔषधि सुगम' (Jan Aushadhi Sugam App) भी डाउनलोड कर सकते हैं। इन दोनों नंबरों पर कॉल करने के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं लगता है और यह सेवा हिंदी, अंग्रेजी समेत कई प्रमुख भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है।