बाल झड़ना हो सकता है शरीर में जिंक की खतरनाक कमी का बड़ा संकेत

बाल झड़ना हो सकता है शरीर में जिंक की खतरनाक कमी का बड़ा संकेत

भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली, खानपान की गलत आदतें और अत्यधिक तनाव के कारण आज के समय में हर दूसरा व्यक्ति किसी न किसी स्वास्थ्य समस्या से परेशान रहता है। शरीर में जब भी किसी जरूरी पोषक तत्व या विटामिन की कमी होती है, तो हमारी बॉडी तरह-तरह के संकेत देने लगती है। इन्हीं आवश्यक पोषक तत्वों में से एक सबसे महत्वपूर्ण मिनरल है 'जिंक' (Zinc)। शरीर के समुचित विकास, रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को मजबूत बनाए रखने, कोशिकाओं के निर्माण और घावों को भरने के लिए जिंक की एक निश्चित मात्रा बेहद आवश्यक होती है। हालांकि, अक्सर लोग इस बात से अनजान रहते हैं कि शरीर में जिंक की कमी होने पर कई तरह के गंभीर और दिखने योग्य शारीरिक बदलाव होने लगते हैं। यदि आपके बाल अचानक तेजी से झड़ने लगे हैं, आप बात-बात पर बीमार पड़ने लगे हैं या आपकी त्वचा बेजान हो गई है, तो यह हल्के में लेने वाली बात नहीं है। यह सीधे तौर पर आपके शरीर में जिंक की कमी का स्पष्ट संकेत हो सकता है, जिसे समय रहते पहचानना और सुधारना बहुत जरूरी है।

#1 बाल झड़ना और कमजोर होना: जिंक की कमी का सबसे पहला और बड़ा विजुअल संकेत

जब हमारे सिर के बाल अचानक से बेजान होकर गुच्छों में टूटने या झड़ने लगते हैं, तो आमतौर पर हम महंगे शैंपू, तेल या हेयर स्पा को इसके लिए जिम्मेदार मानते हैं। लेकिन कई बार बालों के झड़ने की असल वजह बाहरी नहीं बल्कि आंतरिक होती है, और वह है शरीर में जिंक की कमी। जिंक हमारे बालों के रोम (Hair Follicles) के विकास, उनकी मरम्मत और तेल ग्रंथियों के संतुलन को बनाए रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। जब शरीर में जिंक की पर्याप्त मात्रा नहीं पहुंच पाती है, तो बालों की प्रोटीन संरचना कमजोर होने लगती है, जिसके परिणामस्वरूप बाल तेजी से झड़ने लगते हैं और स्कैल्प दिखने लगता है। यदि आपके बाल भी लगातार पतले हो रहे हैं और लाख कोशिशों के बाद भी झड़ना बंद नहीं हो रहे हैं, तो आपको अपने शरीर में जिंक के स्तर की जांच जरूर करवानी चाहिए।

#1 बार-बार बीमार पड़ना और कमजोर इम्युनिटी: समझें शरीर की चेतावनी

क्या आप उन लोगों में से हैं जो जरा सा मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम, वायरल इंफेक्शन या किसी अन्य बीमारी की चपेट में आ जाते हैं? यदि हां, तो आपको अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी पर ध्यान देने की जरूरत है। जिंक हमारी व्हाइट ब्लड सेल्स (WBC) के विकास और उनकी कार्यप्रणाली को सक्रिय रखने के लिए सबसे जरूरी तत्वों में से एक है। शरीर में जिंक की कमी होने पर प्रतिरक्षा तंत्र बुरी तरह कमजोर हो जाता है, जिससे शरीर बाहरी बैक्टीरिया और वायरसों से लड़ने में असमर्थ हो जाता है। यही कारण है कि जिंक की कमी से जूझ रहे लोग साल भर किसी न किसी संक्रमण या मौसमी बीमारी से घिरे रहते हैं और उनके ठीक होने की रफ्तार भी काफी धीमी हो जाती है।

#1 त्वचा का रूखापन, चेहरे पर मुंहासे और घावों का धीरे भरना

त्वचा की सेहत और चमक का सीधा संबंध हमारे खानपान और शरीर में मौजूद मिनरल्स से होता है। जिंक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो त्वचा की कोशिकाओं को स्वस्थ रखने और नए ऊतकों (Tissues) के निर्माण में मदद करते हैं। शरीर में जिंक की कमी होने पर त्वचा बहुत अधिक रूखी, बेजान और पपड़ीदार होने लगती है। इसके अलावा, जिन लोगों के शरीर में जिंक की कमी होती है, उनके चेहरे पर बार-बार एक्ने, पिंपल्स और जिद्दी दाग-धब्बे उभर आते हैं। सबसे बड़ी समस्या तब आती है जब शरीर पर लगने वाली छोटी-मोटी चोट, खरोंच या कटने के निशान बहुत लंबे समय तक ठीक नहीं होते हैं, क्योंकि जिंक के बिना त्वचा की रिकवरी प्रक्रिया बेहद सुस्त हो जाती है।

#1 स्वाद और सूंघने की क्षमता में कमी तथा नाखूनों पर सफेद धब्बे

जिंक की कमी का असर हमारी संवेदनाओं पर भी साफ तौर पर दिखाई देता है। कई मेडिकल रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि जिन लोगों के शरीर में जिंक का स्तर अत्यधिक गिर जाता है, उनकी स्वाद लेने की क्षमता (Taste buds) और किसी चीज की महक को सूंघने की शक्ति कमजोर होने लगती है। इसके अलावा, यदि आपके हाथों या पैरों के नाखूनों पर सफेद रंग के छोटे-छोटे धब्बे या धारियां उभरने लगी हैं, तो यह भी इस बात का वैज्ञानिक प्रमाण है कि आपका शरीर अंदर से जिंक की कमी का सामना कर रहा है। मानसिक थकान, एकाग्रता में कमी और मूड स्विंग्स होना भी इसके अन्य छिपे हुए लक्षण हो सकते हैं।

#1 जिंक की कमी को दूर करने के लिए अपनी डाइट में शामिल करें ये बेहतरीन चीजें

यदि आप भी अपने शरीर में इन लक्षणों को महसूस कर रहे हैं, तो समय रहते अपने खानपान में बदलाव करके इस कमी को आसानी से पूरा किया जा सकता है। शाकाहारी स्रोतों में कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds), काजू, बादाम, छोले, राजमा, पनीर, दही और साबुत अनाज को अपने दैनिक भोजन का हिस्सा बनाएं। वहीं मांसाहारी लोग अंडे, सी-फूड और चिकन के जरिए शरीर में जिंक की मात्रा को संतुलित कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से जिंक सप्लीमेंट्स भी लिए जा सकते हैं। अपने शरीर की इन छोटी-छोटी चेतावनियों को समय पर पहचानकर आप एक स्वस्थ, ऊर्जावान और रोगमुक्त जीवन जी सकते हैं।