कर्नाटक में बड़ा सियासी भूचाल... क्या राज्यपाल की गैर-मौजूदगी में इस्तीफा दे पाएंगे CM सिद्धारमैया? जानिए अब बेंगलुरु में क्या होगा

कर्नाटक में बड़ा सियासी भूचाल... क्या राज्यपाल की गैर-मौजूदगी में इस्तीफा दे पाएंगे CM सिद्धारमैया? जानिए अब बेंगलुरु में क्या होगा

कर्नाटक की राजनीति इस समय देश के सबसे बड़े सियासी ड्रामे की गवाह बन रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा अब लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में एक बड़ा संवैधानिक पेंच फंस गया है। दरअसल, बेंगलुरु के राजभवन (लोक भवन) में इस वक्त राज्यपाल थावरचंद गहलोत मौजूद नहीं हैं। ऐसे में हर किसी के जेहन में एक ही सवाल कौंध रहा है—क्या राज्यपाल की गैर-मौजूदगी में भी मुख्यमंत्री अपना इस्तीफा दे सकते हैं? और अगर ऐसा हुआ, तो कर्नाटक की सत्ता की चाबी अब किसके हाथ में जाएगी?

इंदौर में हैं राज्यपाल, राजभवन ने कहा- 'नहीं आया कोई संदेश'

इस पूरे सियासी सस्पेंस के बीच लोक भवन के अधिकारियों ने एक बड़ा खुलासा किया है। अधिकारियों के मुताबिक, राज्यपाल थावरचंद गहलोत इस समय कर्नाटक में नहीं, बल्कि अपने गृह राज्य मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि जहां एक तरफ मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के सूत्रों ने दावा किया था कि सिद्धारमैया ने गुरुवार को राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है, वहीं राजभवन के शीर्ष अधिकारियों ने इस बात को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री की तरफ से अभी तक मुलाकात या समय मांगने का ऐसा कोई आधिकारिक संदेश नहीं आया है।

क्या राज्यपाल के बिना मुमकिन है इस्तीफा? जानिए क्या कहता है नियम

अब बड़ा सवाल यह है कि अगर राज्यपाल शहर में नहीं हैं, तो सिद्धारमैया इस्तीफा कैसे सौंपेंगे? जब इस कानूनी और संवैधानिक प्रक्रिया के बारे में राजभवन के एक सीनियर अधिकारी से पूछा गया, तो उन्होंने स्थिति साफ की। अधिकारी के अनुसार, अगर मुख्यमंत्री चाहें तो अपना इस्तीफा लोक भवन के सचिव को सौंप सकते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह मान्य होगी। हालांकि, राज्यपाल के इंदौर से वापस लौटने के बाद ही वे इस इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि करेंगे। इसके साथ ही, प्रक्रिया के तहत राज्यपाल बाद में सिद्धारमैया को व्यक्तिगत रूप से आकर भी इस्तीफा सौंपने के लिए कह सकते हैं।

ब्रेकफास्ट मीटिंग में इस्तीफे का एलान, दोपहर 3 बजे आ सकता है बड़ा फैसला

सूत्रों से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार सुबह कांग्रेस विधायकों के साथ एक ब्रेकफास्ट मीटिंग की। इसी बैठक में उन्होंने अपने इस्तीफे की मंशा साफ कर दी। सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि सिद्धारमैया दोपहर के भोजन के बाद, यानी करीब 3 बजे आधिकारिक रूप से पद छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं। इस्तीफे से ठीक पहले सिद्धारमैया का जाति जनगणना रिपोर्ट को मंजूर करना उनका आखिरी बड़ा सियासी दांव माना जा रहा है।

डीके शिवकुमार ने छुए पैर, क्या हाथ में आएगी कर्नाटक की कमान?

सिद्धारमैया के जाने के बाद कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इस रेस में उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का नाम सबसे आगे चल रहा है। आज सुबह की बैठक से आई एक तस्वीर ने इन कयासों पर मुहर लगा दी है। बैठक में पहुंचते ही डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इस भावुक और सियासी रूप से बेहद महत्वपूर्ण पल के बाद यह साफ माना जा रहा है कि कर्नाटक की ताजपोशी अब शिवकुमार के हिस्से आ सकती है। अब सबकी नजरें राजभवन के अगले कदम और दोपहर 3 बजे होने वाले एलान पर टिकी हैं।

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