स्टारलिंक विवाद पर राहुल गांधी पर बरसे राम माधव: बोले- 'सरेंडर गांधी' बन गए राहुल, एलन मस्क के आगे क्यों झुके?

स्टारलिंक विवाद पर राहुल गांधी पर बरसे राम माधव: बोले- 'सरेंडर गांधी' बन गए राहुल, एलन मस्क के आगे क्यों झुके?

दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक (Starlink) के भारत में लाइसेंस और स्पेक्ट्रम आवंटन को लेकर देश का सियासी पारा गरमा गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एलन मस्क और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच हुए संवाद के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर आक्रामक हमला बोल दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता राम माधव ने राहुल गांधी के रुख पर तीखा कटाक्ष करते हुए उन्हें 'सरेंडर गांधी' करार दिया है। राम माधव ने साफ शब्दों में कहा कि जो कांग्रेस कल तक केंद्र सरकार पर विदेशी कारोबारियों के आगे झुकने का आरोप लगाती थी, वह आज अचानक खुद एलन मस्क के चरणों में समर्पण की मुद्रा में कैसे आ गई?

'अचानक सरेंडर गांधी कैसे बन गए?'—राम माधव का सीधा वार

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राम माधव ने राहुल गांधी के बयानों पर गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी हमेशा हमारी सरकार पर एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुकने का बेबुनियाद आरोप लगाते थे। अब अचानक ऐसा क्या हो गया कि वे खुद इतना झुक रहे हैं? वे इतने बेचैन क्यों हो रहे हैं कि एलन मस्क को भारत में कोई प्रक्रिया पूरी करनी पड़ रही है? कल तक जो लोग हमें घेर रहे थे, वे रातों-रात एलन मस्क की सेवा में कैसे हाजिर हो गए और 'सरेंडर गांधी' बन गए?" भाजपा नेता ने तंज कसा कि कांग्रेस मस्क को खुश करने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है, जिससे उनके दोहरे चरित्र की कलई खुल गई है।

कांग्रेस के पुराने रुख की दिलाई याद, जयराम रमेश के बयानों का किया जिक्र

राम माधव ने इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश और पार्टी के पूर्व आधिकारिक बयानों का हवाला देते हुए कांग्रेस को आईना दिखाया। उन्होंने याद दिलाया कि कुछ ही महीने पहले जयराम रमेश और कांग्रेस के रणनीतिकारों ने सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं और स्टारलिंक को राष्ट्रीय सुरक्षा व संप्रभुता के लिए गंभीर खतरा बताया था। उन्होंने सवाल दागा कि आखिर कुछ ही दिनों के भीतर ऐसा क्या बदल गया कि जिस स्टारलिंक को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया जा रहा था, आज राहुल गांधी उसी के पक्ष में खुलकर खड़े हो गए हैं और लॉबिंग जैसी भाषा बोल रहे हैं?

'भारत कोई बनाना रिपब्लिक नहीं, कतार में हैं जियो और एयरटेल'

विपक्ष द्वारा उद्योगपतियों और 'कुलीन वर्ग' (ओलिगार्क) को फायदा पहुंचाने के आरोपों का करारा जवाब देते हुए राम माधव ने दो-टूक कहा कि भारत कोई 'बनाना रिपब्लिक' नहीं है, जहां बाहरी दबाव या सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर नीतियां बदल दी जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिलायंस जियो और भारती एयरटेल जैसी प्रमुख भारतीय कंपनियां भी उसी कतार में खड़ी हैं जिसमें स्टारलिंक है। सभी को स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए देश के कड़े नियमों, राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों और पारदर्शी विनियामक प्रक्रिया से गुजरना होगा। उन्होंने यूपीए शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के दौर में स्पेक्ट्रम की बंदरबांट और भीषण भ्रष्टाचार हुआ था, लेकिन यह मोदी सरकार है, जहां हर आवंटन पूरी तरह निष्पक्ष और गैर-भेदभावपूर्ण तरीके से ही होगा।

क्या है स्टारलिंक विवाद और मस्क-राहुल के बीच का संवाद?

विवाद की शुरुआत तब हुई जब एलन मस्क ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा था कि स्टारलिंक को 165 से अधिक देशों में लाइसेंस मिल चुका है और उसने भारत के सभी नियमों का पालन करने में पांच साल बिताए हैं, फिर भी उसे अब तक लाइसेंस क्यों नहीं मिला? मस्क ने भारतीय उद्योगपति का नाम लेते हुए सवाल किया था कि "क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं?" इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने पोस्ट किया था, "वेलकम टू इंडिया, एलन। थोड़ा इंतजार कीजिए, जब तक आप दूसरे वाले को न जान लें।" राहुल की इस टिप्पणी पर एलन मस्क ने उनका आभार जताते हुए लिखा था, "धन्यवाद राहुल, यह वाकई चिंताजनक है।" इसके बाद से ही सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है।