चंद्रमा के गोचर से 3 राशियों की बढ़ेगी मुश्किल, खाली हो सकता है बैंक बैलेंस; जानें बचने के आसान उपाय

चंद्रमा के गोचर से 3 राशियों की बढ़ेगी मुश्किल, खाली हो सकता है बैंक बैलेंस; जानें बचने के आसान उपाय

वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन, माता, मानसिक शांति, कल्पनाशक्ति और तरल धन (कैश फ्लो) का कारक ग्रह माना जाता है। नवग्रहों में चंद्रमा सबसे तीव्र गति से भ्रमण करने वाले ग्रह हैं, जो लगभग सवा दो दिन (लगभग 54 घंटे) में एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश कर जाते हैं। चंद्रमा की इस तेज चाल का सीधा प्रभाव मानव मस्तिष्क, सोचने-समझने की क्षमता और दैनिक आर्थिक निर्णयों पर पड़ता है।

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, जब चंद्रमा किसी जातक की कुंडली के छठे, आठवें या बारहवें भाव में गोचर करते हैं, अथवा पापी ग्रहों जैसे राहु, केतु या शनि के प्रभाव में आते हैं, तो यह स्थिति आर्थिक और मानसिक रूप से प्रतिकूल मानी जाती है। वर्तमान ग्रह गोचर की स्थिति तीन प्रमुख राशियों के लिए धन हानि, फिजूलखर्ची और मानसिक बेचैनी के संकेत दे रही है। इन राशि वालों को अपने बैंक बैलेंस को सुरक्षित रखने के लिए बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।

मिथुन राशि: अचानक बढ़ेंगे अनचाहे खर्च और बजट होगा प्रभावित

मिथुन राशि के जातकों के लिए चंद्रमा का यह गोचर व्यय और अनिश्चितता को बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। इस दौरान आपकी आर्थिक योजनाएं अचानक बिगड़ सकती हैं। घर के किसी जरूरी उपकरण की खराबी, वाहन मरम्मत या अचानक आई पारिवारिक जरूरतों के चलते बैंक बैलेंस तेजी से घट सकता है।

कार्यक्षेत्र में जल्दबाजी में लिया गया कोई भी फैसला नुकसानदेह साबित हो सकता है। यदि आप शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या किसी जोखिम भरे सौदे में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो इस समय रुक जाना ही समझदारी होगी। कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ तालमेल में कमी आ सकती है, जिससे मानसिक तनाव बढ़ेगा। किसी भी अनजान व्यक्ति को उधार देने से पूरी तरह बचें, क्योंकि अटका हुआ धन वापस मिलने की संभावना बेहद कम रहेगी।

कन्या राशि: निवेश में हो सकता है घाटा और साझेदारी में दरार का अंदेशा

कन्या राशि के जातकों के लिए चंद्रमा की कमजोर स्थिति सीधे तौर पर व्यापार और निवेश को प्रभावित कर सकती है। जो लोग पार्टनरशिप में काम कर रहे हैं, उन्हें अपने साझेदार के साथ लेन-देन को लेकर पूरी पारदर्शिता रखनी होगी, अन्यथा गलतफहमी के कारण बड़ा आर्थिक झटका लग सकता है।

इस समय किसी भी नए व्यावसायिक अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से पहले दस्तावेजों को अच्छी तरह पढ़ लें। फिजूलखर्ची और दिखावे के चक्कर में अनावश्यक खरीदारी से बचें। स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों, खासकर पेट या अनिद्रा की समस्या के चलते दवाइयों पर भी धन खर्च होने के योग बन रहे हैं। खुद पर संयम रखें और भावनात्मक होकर पैसों से जुड़ा कोई बड़ा निर्णय न लें।

वृश्चिक राशि: मानसिक तनाव के बीच पैसों के लेन-देन में बरतें सावधानी

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार वृश्चिक राशि में चंद्रमा नीच के माने जाते हैं, जिसके कारण इस राशि के जातकों पर गोचर का प्रभाव सबसे ज्यादा संवेदनशील होता है। यह गोचर आपके भीतर असमंजस और निर्णय न ले पाने की स्थिति पैदा कर सकता है, जिसका सीधा असर आपकी वित्तीय स्थिति पर पड़ेगा।

नौकरीपेशा लोगों को अपने काम में अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी; छोटी सी लापरवाही वरिष्ठ अधिकारियों की नाराजगी का कारण बन सकती है। कोर्ट-कचहरी या विवादित मामलों में धन का अपव्यय हो सकता है। इस दौरान किसी भी तरह का कर्ज या लोन लेने से बचें, क्योंकि इसे चुकाने में भविष्य में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। नकारात्मक विचारों को खुद पर हावी न होने दें और महत्वपूर्ण फैसलों को कुछ समय के लिए टाल दें।

चंद्रमा के नकारात्मक प्रभाव से बचने के अचूक ज्योतिषीय उपाय

यदि आपकी राशि पर भी चंद्रमा का नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है या धन का प्रवाह रुक रहा है, तो ज्योतिष के इन सरल और प्रामाणिक उपायों को अपनाकर राहत पाई जा सकती है:

  • प्रत्येक सोमवार को शिवलिंग पर जल और कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करें तथा 'ॐ नमः शिवाय' या 'ॐ सों सोमाय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें।

  • अपनी माता और घर की बुजुर्ग महिलाओं का सम्मान करें और रोजाना उनके चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लें; इससे चंद्रमा का दोष स्वतः शांत होता है।

  • पूर्णिमा के दिन जरूरतमंदों को सफेद वस्तुएं जैसे चावल, चीनी, दूध, सफेद वस्त्र या चांदी का दान करें।

  • देर रात तक जागने से बचें, भोजन में अत्यधिक ठंडी चीजों का परहेज करें और रात को सोते समय सिरहाने पानी भरकर रखने से बचें।