तीसरे टेस्ट में चटकाए 6 विकेट, साउथ अफ्रीका की धरती पर तोड़ी मेजबान बल्लेबाजों की कमर
ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब लाल गेंद उनके हाथ में होती है और पिच से थोड़ी भी मदद मिलती है, तो वे दुनिया के किसी भी बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस करने का दम रखते हैं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच में मिचेल स्टार्क ने तूफानी गेंदबाजी का ऐसा मंजर पेश किया जिसे प्रोटियाज बल्लेबाज लंबे समय तक नहीं भूल पाएंगे। तेज गति, हवा में लहराती लेट स्विंग और सटीक यॉर्कर के दम पर स्टार्क ने अकेले ही साउथ अफ्रीका के 6 प्रमुख बल्लेबाजों का शिकार कर मेजबान टीम की पहली पारी की कमर तोड़कर रख दी।
मैच के अहम मोड़ पर आई यह कातिलाना गेंदबाजी सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने पूरे मुकाबले का रुख पूरी तरह से कंगारू टीम के पक्ष में मोड़ दिया। दक्षिण अफ्रीकी परिस्थितियां हमेशा से तेज गेंदबाजों की मददगार मानी जाती हैं, लेकिन गति के साथ सटीक टप्पे पर गेंद को अंदर और बाहर निकालना हर किसी के बस की बात नहीं होती। स्टार्क ने शुरुआत से ही आक्रामक लेंथ पकड़ी और पहले स्पेल से ही बल्लेबाजों के मन में खौफ पैदा कर दिया, जिसके दबाव में पूरी विरोधी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई।
शुरुआती झटकों से बैकफुट पर मेजबान: नई गेंद से स्टार्क ने खोला पंजा
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी साउथ अफ्रीका की टीम को एक मजबूत शुरुआत की दरकार थी, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई कप्तान के मुख्य हथियार मिचेल स्टार्क के इरादे कुछ और ही थे। पारी के तीसरे ही ओवर में स्टार्क ने अपनी ट्रेडमार्क इन-स्विंगर गेंद पर सलामी बल्लेबाज को एलबीडब्ल्यू आउट कर पवेलियन का रास्ता दिखाया। गेंद 145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पिच पर टप्पा खाकर इतनी तेजी से अंदर आई कि बल्लेबाज के पास बल्ला नीचे लाने तक का समय नहीं बचा।
शुरुआती झटका लगने के बाद क्रीज पर आए टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों को भी स्टार्क ने संभलने का कोई मौका नहीं दिया। ऑफ स्टंप के बाहर गुड लेंथ पर लगातार गेंदें फेंकने के बाद अचानक फेंकी गई फुल लेंथ आउट-स्विंगर पर साउथ अफ्रीका के मुख्य बल्लेबाज ने स्लिप में कैच थमा दिया। महज 40 रन के स्कोर तक मेजबान टीम अपने शीर्ष तीन विकेट गंवाकर गहरे संकट में घिर चुकी थी। स्टार्क का यह शुरुआती स्पेल इतना घातक था कि स्लिप कॉर्डन में खड़े फील्डर्स लगातार खेल में बने रहे और विकेटकीपर एलेक्स कैरी को भी कई शानदार कैच पकड़ने का मौका मिला।
मिडिल ऑर्डर में साझेदारी की कोशिश और स्टार्क का दूसरा घातक प्रहार
लंच के बाद जब ऐसा लग रहा था कि दक्षिण अफ्रीकी मध्यक्रम पारी को संभालने की कोशिश कर रहा है और दो अनुभवी बल्लेबाजों के बीच अर्धशतकीय साझेदारी पनप रही थी, तभी ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने एक बार फिर गेंद मिचेल स्टार्क के हाथों में थमा दी। पुराने हो चुके कूकाबुरा गेंद से रिवर्स स्विंग निकालने की अपनी बेजोड़ कला का मुजाहिरा करते हुए स्टार्क ने साझेदारी को तोड़ा।
सेट हो चुके बल्लेबाज को स्टार्क ने एक तेज बाउंसर के जरिए बैकफुट पर धकेला और अगली ही गेंद पर पैरों के अंगूठे को निशाना बनाते हुए तीखी यॉर्कर फेंककर क्लीन बोल्ड कर दिया। इस करिश्माई गेंद ने स्टंप्स को हवा में कलाबाजियां खिला दीं, जिसे देखकर मैदान में मौजूद दर्शक भी दंग रह गए। इसके बाद स्टार्क ने निचले क्रम के बल्लेबाजों और पुछल्ले खिलाड़ियों को टिकने का जरा भी मौका नहीं दिया। लगातार अंतराल पर विकेट चटकाते हुए उन्होंने साउथ अफ्रीका के निचले क्रम को पूरी तरह साफ कर दिया और अपने 10 ओवर के स्पेल में 6 विकेट पूरे कर लिए।
रिकॉर्ड बुक्स में दर्ज हुआ स्टार्क का नाम: विदेशी धरती पर बेमिसाल आंकड़े
इस मुकाबले में 6 विकेट चटकाने के साथ ही मिचेल स्टार्क ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कई बड़े मुकाम भी अपने नाम कर लिए हैं। विदेशी पिचों पर बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों द्वारा किए गए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों की सूची में स्टार्क ने अपना नाम और ऊपर दर्ज करा लिया है। यह टेस्ट क्रिकेट में स्टार्क के करियर का एक और ऐतिहासिक फाइफर (पांच या उससे अधिक विकेट) बन गया है, जो उनके निरंतर मैच-विनर होने का पुख्ता सबूत है।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के मौजूदा चक्र में किसी भी विदेशी तेज गेंदबाज द्वारा साउथ अफ्रीका की धरती पर यह इस सीजन का सबसे घातक स्पेल साबित हुआ है। पैट कमिंस और जोश हेजलवुड के साथ मिलकर स्टार्क जिस तरह की तिकड़ी बनाते हैं, वह विपक्षी टीमों के लिए हमेशा से काल साबित होती रही है, लेकिन जब स्टार्क आगे बढ़कर अटैक को लीड करते हैं तो उनकी मारक क्षमता कई गुना बढ़ जाती है।
दक्षिण अफ्रीका के लिए आगे की राह कठिन: ऑस्ट्रेलिया ड्राइविंग सीट पर मजबूत
मिचेल स्टार्क के इस 6 विकेट के तूफान के चलते साउथ अफ्रीका की पहली पारी बेहद सस्ते स्कोर पर सिमट गई, जिससे ऑस्ट्रेलियाई टीम को एक बहुत बड़ी बढ़त हासिल करने का सुनहरा मौका मिल गया है। तीसरे टेस्ट की पिच पर जिस तरह से असमान उछाल और दरारें दिखने लगी हैं, उसे देखते हुए चौथी पारी में बल्लेबाजी करना किसी भी टीम के लिए बेहद मुश्किल चुनौती साबित होगा।
मेजबान टीम के गेंदबाजों के सामने अब यह चुनौती होगी कि वे कंगारू बल्लेबाजों को जल्द से जल्द आउट करें, अन्यथा इस मैच में वापसी करना उनके लिए नामुमकिन हो जाएगा। स्टार्क के इस ऐतिहासिक स्पेल ने न सिर्फ सीरीज का तापमान बढ़ा दिया है, बल्कि साउथ अफ्रीकी टीम को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आधुनिक टेस्ट क्रिकेट में दुनिया की सबसे खूंखार तेज गेंदबाजी लाइन-अप का सामना किस रणनीति के साथ किया जाए।