बरेली-मुरादाबाद MLC चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत: हरि सिंह ढिल्लो ने सपा के दानिश को 17,676 वोटों से रौंदा

बरेली-मुरादाबाद MLC चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत: हरि सिंह ढिल्लो ने सपा के दानिश को 17,676 वोटों से रौंदा

उत्तर प्रदेश की उच्च सदन यानी विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव में बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रचंड और ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। भाजपा उम्मीदवार डॉ. हरि सिंह ढिल्लो ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी (SP) के प्रत्याशी हाजी दानिश अख्तर को 17,676 मतों के विशाल अंतर से करारी शिकस्त देकर लगातार दूसरी बार शिक्षक एमएलसी बनने का गौरव हासिल किया। बरेली स्थित संजय कम्युनिटी हॉल में मंगलवार की सुबह से शुरू हुई मतगणना देर रात तक चली, जिसमें पहले ही राउंड से डॉ. ढिल्लो ने ऐसी अजेय बढ़त बनाई कि विपक्षी खेमे के हौसले पस्त हो गए।

निर्वाचन अधिकारी एवं बरेली मंडल के मंडलायुक्त ने देर रात औपचारिक परिणाम घोषित करते हुए डॉ. हरि सिंह ढिल्लो को जीत का प्रमाण पत्र सौंपा। रुहेलखंड के शिक्षक वर्ग में भाजपा की इस विशाल जीत को पार्टी संगठन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शिक्षा नीतियों और ढिल्लो के जमीनी जुड़ाव की बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है। जहां विपक्षी गठबंधन इस चुनाव को अपनी वापसी की सीढ़ी मान रहा था, वहीं नतीजों ने यह साफ कर दिया कि शिक्षकों और प्रबुद्ध वर्ग का भरोसा अब भी सत्ताधारी दल के साथ मजबूती से खड़ा है।

मतों का पूरा लेखा-जोखा: 21,672 वोट पाकर ढिल्लो ने रचा इतिहास

बरेली-मुरादाबाद शिक्षक खंड में कुल 35,161 मतों की गिनती पांच चक्रों (राउंड्स) में पूरी की गई। चुनाव आयोग द्वारा जारी अंतिम आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भाजपा के डॉ. हरि सिंह ढिल्लो को कुल 21,672 प्रथम वरीयता के वैध मत प्राप्त हुए। वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के हाजी दानिश अख्तर महज 3,996 वोटों पर ही सिमट कर रह गए। तीसरे और चौथे राउंड तक आते-आते मुकाबला पूरी तरह एकतरफा हो चुका था।

तीसरे राउंड की घोषणा के वक्त रात साढ़े नौ बजे तक ढिल्लो 14,990 वोट पा चुके थे और उनकी बढ़त 12 हजार से अधिक हो चुकी थी। चौथे राउंड में जैसे ही ढिल्लो ने 19,538 का आंकड़ा पार किया और उन्हें कुल पड़े वैध मतों का 55 फीसदी से अधिक वोट मिल गया, काउंटिंग हॉल के बाहर जुटे भाजपा कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और गुलाल के साथ जश्न मनाना शुरू कर दिया। अंततः 17,676 मतों का यह जीत का अंतर इस निर्वाचन क्षेत्र के इतिहास में दर्ज सबसे बड़े फासलों में से एक बन गया।

'नाम है ढिल्लो, जब चाहो मिल लो': जमीनी छवि और सहजता ने दिलाई जीत

डॉ. हरि सिंह ढिल्लो की इस बंपर जीत के पीछे केवल राजनीतिक समीकरण नहीं, बल्कि पिछले छह सालों में शिक्षकों के बीच उनकी सतत सक्रियता सबसे बड़ा कारण रही है। चुनाव प्रचार के दौरान पूरे बरेली और मुरादाबाद मंडल के नौ जिलों में उनका दिया हुआ नारा 'नाम है हरि सिंह ढिल्लो, जब चाहो आकर मिल लो' शिक्षकों और वित्तविहीन शिक्षकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ था। वे किसी भी शिक्षक की सेवा सुरक्षा, वेतन विसंगति या ट्रांसफर के मामलों में सीधे सुलभ रहते थे।

जीत का प्रमाण पत्र लेने के बाद डॉ. ढिल्लो ने कहा कि यह जीत उनकी निजी जीत नहीं, बल्कि पूरे शिक्षक समुदाय और गुरुजनों के सम्मान की जीत है। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए ऐलान किया कि उनके अगले कार्यकाल का सबसे बड़ा संकल्प शिक्षकों के सम्मान और सुरक्षा के लिए 'एजुकेशन एक्ट' को कानूनी रूप से लागू करवाना होगा। उन्होंने याद दिलाया कि वे लगातार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष शिक्षकों की समस्याओं को उठाते रहे हैं और सरकार ने 14.61 लाख शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा जैसी ऐतिहासिक योजनाओं को अमलीजामा पहनाकर शिक्षकों का दिल जीता है।

सपा प्रत्याशी ने लगाए धांधली के आरोप: 'लोकतंत्र का काला दिन'

एक तरफ जहां भाजपा खेमे में आतिशबाजी और मिठाइयों का दौर चल रहा था, वहीं दूसरी ओर करारी शिकस्त झेलने वाले सपा प्रत्याशी हाजी दानिश अख्तर ने पूरी चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए। मतगणना केंद्र के बाहर मीडिया से मुखातिब होते हुए दानिश अख्तर ने मतदान के दिन 23 अक्टूबर को 'लोकतंत्र का काला दिवस' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस चुनाव की गड़बड़ी वोटर लिस्ट तैयार करने के पहले दिन से ही शुरू हो गई थी, जहां फर्जी वोटर्स के नाम जोड़े गए और वास्तविक शिक्षकों के नाम काट दिए गए।

दानिश अख्तर ने दावा किया कि अमरोहा जिले के मंडी धनौरा में उन्होंने स्वयं फर्जी वोटिंग को रंगे हाथों पकड़ा था और अधिकारियों से शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन प्रशासनिक तंत्र ने उनकी बात अनसुनी कर दी। हालांकि, जिला निर्वाचन अधिकारी और पुलिस प्रशासन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पूरी मतदान और मतगणना प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की कड़ी निगरानी और सभी दलों के चुनाव एजेंटों की मौजूदगी में पूरी तरह पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई गई है।

यूपी विधान परिषद में भाजपा का दबदबा बरकरार: विपक्ष को बड़ा झटका

बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट पर भाजपा का परचम लहराने के साथ ही राज्य की अन्य शिक्षक और स्नातक सीटों पर भी भगवा खेमे ने अपनी बढ़त का लोहा मनवाया है। लखनऊ, मेरठ और अन्य शिक्षक-स्नातक क्षेत्रों में भी भाजपा उम्मीदवारों के शानदार प्रदर्शन ने यह सिद्ध कर दिया है कि उच्च सदन (विधान परिषद) में भाजपा का संख्याबल और अधिक अटूट हो गया है।

सपा मुखिया अखिलेश यादव द्वारा चलाए जा रहे नए सामाजिक गठजोड़ और मुद्दों के बावजूद शिक्षक वर्ग में भाजपा की यह रिकॉर्ड जीत समाजवादी पार्टी के लिए आत्ममंथन का विषय बन गई है। बरेली और मुरादाबाद के शिक्षकों ने एक बार फिर स्थिरता, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और नकलविहीन व्यवस्था के नाम पर भाजपा के पक्ष में एकतरफा मुहर लगाकर डॉ. हरि सिंह ढिल्लो को दूसरी बार विधान परिषद की दहलीज तक पहुंचा दिया है।