ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल संग कॉम्पिटिशन पर ईशान किशन का बयान वायरल, बड़ा दिल दिखा फैंस को किया हैरान

ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल संग कॉम्पिटिशन पर ईशान किशन का बयान वायरल, बड़ा दिल दिखा फैंस को किया हैरान

भारतीय क्रिकेट टीम में विकेटकीपर-बल्लेबाज के स्थान को लेकर हमेशा से कड़ा मुकाबला देखने को मिलता रहा है। जब भी टीम में एक ही पोजीशन के लिए दो या तीन मैच-विनर खिलाड़ी कतार में खड़े होते हैं, तो अक्सर मीडिया और फैंस के बीच 'आपसी राइवलरी' की चर्चाएं तेज हो जाती हैं। हालांकि, भारतीय टीम के आक्रामक बाएं हाथ के विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने टीम इंडिया में अपने साथी खिलाड़ियों ऋषभ पंत और युवा सनसनी ध्रुव जुरेल को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जिसने क्रिकेट प्रेमियों और खेल विश्लेषकों का ध्यान पूरी तरह अपनी ओर खींच लिया है।

आमतौर पर प्रतिस्पर्धी माहौल में खिलाड़ियों द्वारा एक-दूसरे की तारीफ करने में झिझक देखी जाती है, लेकिन ईशान किशन ने जिस सादगी और खुले दिल से पंत और जुरेल के खेल की सराहना की, उस पर कई क्रिकेट फैंस को पहले यकीन ही नहीं हुआ। ईशान ने साफ शब्दों में कहा कि जब देश के लिए खेलने की बात आती है, तो व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता पीछे छूट जाती है और साथी खिलाड़ी की सफलता पर खुशी मनाना ही सच्ची खेल भावना है।

ऋषभ पंत के साथ अंडर-19 के दिनों का अटूट दोस्ताना

ईशान किशन और ऋषभ पंत का रिश्ता केवल सीनियर राष्ट्रीय टीम तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों ने अंडर-19 के दिनों से एक साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया है। 2016 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में जब ईशान किशन भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे थे, तब ऋषभ पंत उनके प्रमुख विकेटकीपर-बल्लेबाज थे।

ईशान ने इस पुराने रिश्ते को याद करते हुए बताया कि पंत जब कार दुर्घटना के बाद एक लंबे और दर्दनाक रिहैब से गुजर रहे थे, तो पूरा देश उनके ठीक होने की दुआ कर रहा था। ईशान ने स्पष्ट किया कि वे दोनों कभी एक-दूसरे को 'प्रतिद्वंद्वी' के रूप में नहीं देखते। मैदान पर जब पंत चौके-छक्के लगाते हैं या मुश्किल परिस्थितियों में टीम को जीत दिलाते हैं, तो सबसे ज्यादा खुशी उन्हें होती है। ईशान के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी एक-दूसरे की बल्लेबाजी और कीपिंग की बारीकियों पर खुलकर बात करते हैं और जब भी कोई तकनीक से जुड़ी समस्या आती है, तो बिना किसी हिचकिचाहट के एक-दूसरे से सुझाव मांगते हैं।

ध्रुव जुरेल के उभार और टेस्ट डेब्यू पर ईशान की दो टूक राय

हाल के समय में उत्तर प्रदेश के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने अपनी शानदार बल्लेबाजी और बेहतरीन विकेटकीपिंग से सभी को प्रभावित किया है। जब घरेलू मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में जुरेल को मौका मिला, तो उन्होंने अपने धैर्य और तकनीक से टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाई।

जब ईशान किशन से जुरेल की इस सफलता और टीम में बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर सवाल पूछा गया, तो ईशान ने बेहद परिपक्वता दिखाई। ईशान ने कहा कि ध्रुव जुरेल ने जिस संयम के साथ दबाव में बल्लेबाजी की, वह यह साबित करता है कि भारतीय घरेलू क्रिकेट का स्तर कितना मजबूत है। उन्होंने कहा कि एक युवा खिलाड़ी को देश के लिए मैच जिताते देखना हर भारतीय क्रिकेटर के लिए गर्व की बात है। ईशान का मानना है कि जुरेल की कामयाबी यह दर्शाती है कि टीम इंडिया का बेंच स्ट्रेंथ कितना सशक्त है, और इससे बाकी खिलाड़ियों को भी अपना खेल बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है।

'कंपटीशन से डर नहीं, इससे टीम इंडिया मजबूत होती है'

भारतीय क्रिकेट टीम में विकेटकीपर स्लॉट के लिए इस समय केएल राहुल, ऋषभ पंत, संजू सैमसन, ईशान किशन और ध्रुव जुरेल जैसे दिग्गज दावेदार मौजूद हैं। इस तीखी प्रतिस्पर्धा पर बात करते हुए ईशान ने कहा कि जब किसी टीम में एक स्थान के लिए चार-पांच विश्वस्तरीय खिलाड़ी उपलब्ध होते हैं, तो इससे खिलाड़ियों में असुरक्षा की भावना नहीं, बल्कि खुद को लगातार अपग्रेड करने की भूख पैदा होती है।

ईशान ने जोर देकर कहा कि अगर कोई खिलाड़ी केवल इस बात से परेशान रहेगा कि दूसरा खिलाड़ी रन बना रहा है, तो वह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाएगा। उनके अनुसार, क्रिकेट का असली नियम यही है कि जब भी आपको 22 गज की पट्टी पर मौका मिले, आप अपनी टीम के लिए शत-प्रतिशत योगदान दें। बाकी चयन प्रक्रिया पूरी तरह चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के हाथ में होती है, जिस पर एक खिलाड़ी का कोई सीधा नियंत्रण नहीं होता।

घरेलू क्रिकेट में कड़ी मेहनत और टीम इंडिया में वापसी की तैयारी

ईशान किशन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वे घरेलू क्रिकेट में लगातार पसीना बहाकर राष्ट्रीय टीम के दरवाजे दोबारा खटखटा रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में दलीप ट्रॉफी, बुची बाबू टूर्नामेंट और रणजी ट्रॉफी में झारखंड की अगुवाई करते हुए उन्होंने शानदार शतक जड़कर अपनी फॉर्म और फिटनेस का परिचय दिया है।

मानसिक स्वास्थ्य और वर्कलोड मैनेजमेंट के चलते लिए गए ब्रेक के बाद, ईशान ने यह साबित कर दिया है कि रेड-बॉल क्रिकेट हो या व्हाइट-बॉल क्रिकेट, उनका जज्बा पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है। लाल गेंद के खिलाफ लंबी पारियां खेलकर वे यह संदेश दे चुके हैं कि वे टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों प्रारूपों में भारत के लिए मैच विनर बनने की पूरी क्षमता रखते हैं।

क्रिकेट फैंस और जानकारों का दिल जीत रहा ईशान का रवैया

सोशल मीडिया पर ईशान किशन के इस बयान के बाद क्रिकेट फैंस उनकी खेल भावना और सकारात्मक दृष्टिकोण की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई पूर्व क्रिकेटरों और विश्लेषकों का मानना है कि ईशान की यह सोच दर्शाती है कि वे मानसिक रूप से कितने मजबूत और सुलझे हुए एथलीट हैं।

आधुनिक क्रिकेट में जहां सोशल मीडिया का दबाव और फैंस के बीच तुलना खिलाड़ियों के आपसी संबंधों में तनाव पैदा कर देती है, वहीं ईशान किशन, ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल के बीच का यह आपसी सम्मान भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक शानदार मिसाल पेश करता है।