ऑकलैंड में विराट कोहली का ऐतिहासिक धमाका: सचिन तेंदुलकर का वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त कर चेज में बने दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज
ऑकलैंड: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि एकदिवसीय क्रिकेट में उनके जैसा लक्ष्य का पीछा करने वाला बल्लेबाज विश्व क्रिकेट के इतिहास में दूसरा कोई नहीं है। न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए पांच मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में कोहली ने ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए न केवल टीम इंडिया को 5 विकेट से शानदार जीत दिलाई, बल्कि एक साथ कई बड़े वैश्विक कीर्तिमान अपने नाम कर लिए। कोहली ने रन चेज करते हुए क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया और वनडे इतिहास में लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज बन गए। इसके साथ ही उन्होंने नंबर-3 बल्लेबाजी क्रम पर 13,000 रन का आंकड़ा छूकर अपने ही बनाए वर्ल्ड रिकॉर्ड में चार चांद लगा दिए हैं।
ऑकलैंड के ईडन पार्क में सचिन तेंदुलकर का महा-रिकॉर्ड ध्वस्त
न्यूजीलैंड द्वारा रखे गए 186 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही थी, जब पूर्व कप्तान रोहित शर्मा बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद क्रीज पर आए विराट कोहली ने कीवी गेंदबाजों के खिलाफ शुरू से ही आक्रामक रुख अपनाया। मुकाबले में उतरने से पहले कोहली को सचिन तेंदुलकर के चेज रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए महज 54 रनों की दरकार थी। सचिन ने अपने वनडे करियर में रन चेज करते हुए 232 पारियों में 8,720 रन बनाए थे। कोहली ने ऑकलैंड में अपनी 74 रनों की पारी के दौरान जैसे ही 55 रन का आंकड़ा पार किया, वह 8,741 रनों के साथ वनडे चेज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दुनिया के सर्वोच्च बल्लेबाज बन गए। यह उपलब्धि कोहली ने मात्र 170 पारियों में हासिल की, जो उनके असाधारण निरंतरता और दबाव झेलने की अद्भुत क्षमता को दर्शाती है।
नंबर 3 पर 13,000 रन का जादुई आंकड़ा छूने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज
विराट कोहली ने इस मुकाबले में एक और अद्वितीय उपलब्धि हासिल करते हुए नंबर-3 बल्लेबाजी क्रम पर अपने 13,000 रन पूरे कर लिए। क्रिकेट इतिहास में किसी एक निश्चित बल्लेबाजी क्रम पर 13,000 से अधिक रन बनाने का कारनामा इससे पहले केवल सचिन तेंदुलकर ने बतौर ओपनर (13,685 रन) किया था। नंबर-3 की अहम स्थिति पर खेलते हुए कोहली ने 61.61 की अविश्वसनीय औसत के साथ 13,062 रन बना लिए हैं। इस सूची में दूसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के महान पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग हैं, जिन्होंने नंबर-3 पर 12,662 रन बनाए थे। श्रीलंका के कुमार संगकारा 9,747 रनों के साथ तीसरे और दक्षिण अफ्रीका के जैक्स कैलिस 7,774 रनों के साथ चौथे पायदान पर हैं। कोहली ने न केवल पोंटिंग के इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा है, बल्कि 60 से अधिक की औसत कायम रखकर इस मील के पत्थर को लगभग अभेद्य बना दिया है।
विदेशी सरजमीं पर 50 बार 'पचासा' जड़ने का नया कीर्तिमान
विराट कोहली की इस तूफानी पारी ने उनके नाम एक और नायाब रिकॉर्ड दर्ज करा दिया। वह विदेशी पिचों (विपक्षी टीम के घरेलू मैदानों) पर 50 या उससे अधिक रन की 50 पारियां खेलने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। ईडन पार्क में मात्र 35 गेंदों में अर्धशतक पूरा करना विदेशी मैदान पर उनके करियर का दूसरा सबसे तेज अर्धशतक भी रहा। विदेशी पिचों पर कोहली के नाम अब 21 शतक और 29 अर्धशतक दर्ज हो चुके हैं। इस मामले में उन्होंने श्रीलंका के दिग्गज कुमार संगकारा को काफी पीछे छोड़ दिया है, जिनके नाम विरोधी टीमों के घर में 45 बार 50 से अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड था। यह आंकड़ा इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि कोहली केवल घरेलू परिस्थितियों के शेर नहीं हैं, बल्कि दुनिया के हर कोने में उनका बल्ला जमकर बोलता है।
सेना (SENA) देशों के खिलाफ सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने का ताज
विराट कोहली ने न्यूजीलैंड के खिलाफ अपनी 51 गेंदों पर 74 रनों की पारी के दौरान 13 चौके और एक छक्का जड़ा। इस पारी के साथ ही उन्होंने SENA देशों (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) के खिलाफ सर्वाधिक 50 से अधिक रन बनाने के सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया। सचिन तेंदुलकर ने इन चार मजबूत देशों के खिलाफ अपने करियर में 133 बार 50 प्लस स्कोर बनाया था, जबकि विराट कोहली अब 134वीं बार यह कारनामा करके इस विशिष्ट सूची में पहले नंबर पर पहुंच गए हैं। वेस्टइंडीज के दिग्गज ब्रायन लारा 100 ऐसे स्कोर्स के साथ तीसरे और कुमार संगकारा 97 स्कोर्स के साथ चौथे स्थान पर हैं। दुनिया की सबसे तेज और उछाल भरी पिचों पर कोहली का यह प्रदर्शन उन्हें आधुनिक क्रिकेट का निर्विवाद सम्राट साबित करता है।
फील्डिंग में भी दिखाया जलवा, हवा में उड़कर लपका अविश्वसनीय कैच
बल्लेबाजी में इतिहास रचने से पहले विराट कोहली ने मैदान पर अपनी चुस्त फील्डिंग से भी दर्शकों को रोमांचित कर दिया। 38 वर्ष की उम्र के करीब पहुंच चुके कोहली की फिटनेस आज भी 20 वर्ष के युवा खिलाड़ी जैसी नजर आती है। न्यूजीलैंड की पारी के दौरान तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज की गेंद पर उन्होंने बैकवर्ड पॉइंट पर हवा में छलांग लगाते हुए एक हाथ से नाथन स्मिथ का अद्भुत कैच लपका। उनके इस सनसनीखेज कैच ने न केवल कीवी टीम के निचले क्रम को ध्वस्त करने में मदद की, बल्कि पूरे मैदान और ड्रेसिंग रूम में जबरदस्त ऊर्जा भर दी। भारतीय गेंदबाजों ने अर्शदीप सिंह के 4 और गुरनूर बराड़ के 3 विकेटों की बदौलत न्यूजीलैंड को मात्र 185 रनों पर समेट दिया था।
2027 वर्ल्ड कप मिशन और टीम इंडिया के लिए कोहली का कद
ऑकलैंड में कोहली की यह मैच विनिंग पारी न केवल रिकॉर्ड बुक को नया रूप देने वाली रही, बल्कि इसने आगामी 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया के रोडमैप को भी नई मजबूती प्रदान की है। युवाओं से सजी मौजूदा भारतीय टीम में जहां शुभमन गिल कप्तानी की बागडोर संभाल रहे हैं, वहीं विराट कोहली का क्रीज पर टिके रहना और आक्रामक अंदाज में मैच खत्म करना टीम के आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देता है। मैच के बाद कप्तान गिल ने भी स्वीकार किया कि जब विराट भाई क्रीज के दूसरे छोर पर खड़े होते हैं, तो किसी भी लक्ष्य का दबाव शून्य हो जाता है। कोहली की इस निरंतर फॉर्म ने साफ संकेत दे दिया है कि उनका बल्ला अभी शांत होने वाला नहीं है और वनडे क्रिकेट में कई अन्य ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स का टूटना अभी बाकी है।