अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड: मास्टरमाइंड टिन्नू यादव और भतीजा मनीष 39 घंटे की पुलिस रिमांड पर, पूछताछ में खुलेंगे कई बड़े राज

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड: मास्टरमाइंड टिन्नू यादव और भतीजा मनीष 39 घंटे की पुलिस रिमांड पर, पूछताछ में खुलेंगे कई बड़े राज

अयोध्या के भव्य श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की धनराशि चोरी करने के हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस प्रशासन को बड़ी कामयाबी मिली है। कोर्ट ने इस पूरे प्रकरण के मुख्य साजिशकर्ता रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और उसके भतीजे मनीष यादव की 39 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) मंजूर कर ली है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत के आदेश के बाद पुलिस इन दोनों आरोपियों को पूछताछ और चोरी की गई रकम की बरामदगी के लिए जेल से अपनी कस्टडी में लेगी। मामले के विवेचक और क्षेत्राधिकारी (CO) अयोध्या आशुतोष तिवारी ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर विस्तृत पूछताछ की अनुमति मांगी थी, जिससे मंदिर के चढ़ावे की चोरी से जुड़े कई और चौंकाने वाले तथ्यों का खुलासा होने की उम्मीद है।

भर्ती होते ही सरगना बना मनीष, सीसीटीवी फुटेज से खुला बड़ा राज

विशेष जांच दल (SIT) की जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि मनीष कुमार यादव मंदिर में नौकरी लगते ही चढ़ावा चोरी गिरोह का मुख्य सरगना बन गया था। मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज की गहन जांच में मनीष यादव, अविनाश शुक्ला और रमाशंकर मिश्रा को सीधे तौर पर नोटों की गड्डियां गायब करते हुए रंगे हाथों देखा गया है। जांच में खुलासा हुआ है कि ये तीनों आरोपी चढ़ावे की रकम को पार करते थे, जबकि गिरोह के अन्य तीन सदस्य इनके मददगार की भूमिका निभाते थे। चोरी के वक्त बाकी के तीन आरोपी सीसीटीवी कैमरे के आगे एक घेरा बनाकर खड़े हो जाते थे ताकि गर्भगृह या गिनती कक्ष की यह करतूत कैमरे में कैद न हो सके, लेकिन तकनीक और सतर्कता के कारण 11 मई 2026 को इनका यह शातिर खेल पकड़ा गया।

ट्रस्ट के पूर्व महासचिव के ड्राइवर टिन्नू यादव ने रची थी पूरी साजिश

मनीष यादव की श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में संविदा पर गणनाकर्मी (Counting Staff) के पद पर नियुक्ति उसके ताऊ और इस पूरे कांड के मास्टरमाइंड टिन्नू यादव की सिफारिश पर हुई थी। टिन्नू यादव पहले राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का ड्राइवर रह चुका है, जिसके कारण उसकी मंदिर प्रशासन के इर्द-गिर्द अच्छी पैठ थी। टिन्नू ने मनीष के दस्तावेज एसबीआई (SBI) के अधिकारी रत्नेश चतुर्वेदी को दिए थे, जिसने सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज के माध्यम से 15 अप्रैल 2026 को मनीष की जॉइनिंग कराई थी। नौकरी मिलने के एक महीने के भीतर ही मनीष ने नोटों की गड्डियां साफ करना शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार, हालांकि टिन्नू यादव सीधे तौर पर कैमरे में चोरी करते नहीं दिखा है, लेकिन उसी ने अपने भतीजे मनीष को आगे कर इस पूरी साजिश का ताना-बाना बुना था, जिससे अब रिमांड के दौरान गहन पूछताछ की जाएगी।