सीएम योगी की अफसरों को दो-टूक: एसी कमरों से निकल फील्ड में उतरें अधिकारी, त्योहारों पर लापरवाही की तो नपेंगे

सीएम योगी की अफसरों को दो-टूक: एसी कमरों से निकल फील्ड में उतरें अधिकारी, त्योहारों पर लापरवाही की तो नपेंगे

आगामी शारदीय नवरात्रि, विजयादशमी (दशहरा), महर्षि वाल्मीकि जयंती और दीपोत्सव जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों की श्रृंखला को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन, प्रशासन और पुलिस तंत्र को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने का आदेश दिया है। शासन स्तर पर आयोजित उच्चस्तरीय कानून-व्यवस्था समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी जिलाधिकारी (डीएम), पुलिस कप्तान (एसपी), कमिश्नर और थानेदार अपने दफ्तरों व एसी कमरों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीन पर उतरकर फील्ड में अपनी प्रत्यक्ष उपस्थिति दर्ज कराएं। मुख्यमंत्री ने दो-टूक हिदायत दी कि त्योहारों के संवेदनशील माहौल में आम जनता की सुरक्षा, सुविधा और सौहार्द के साथ खिलवाड़ करने वाली किसी भी प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही या शिथिलता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एसी कमरों से निकलें अफसर, भीड़भाड़ वाले बाजारों में करें फुट पेट्रोलिंग

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि त्योहारों के दौरान सभी वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से संवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख चौराहों, धार्मिक स्थलों और व्यस्त व्यापारिक बाजारों में पैदल गश्त (फुट पेट्रोलिंग) करें। पुलिस और प्रशासन की यह सक्रिय मौजूदगी आम नागरिकों और व्यापारियों के भीतर सुरक्षा व विश्वास की भावना पैदा करेगी, वहीं अराजक तत्वों और मनचलों के मन में कानून का खौफ बनाए रखेगी। थानों और सर्किलों में तैनात प्रभारियों को जनता की शिकायतों का तत्काल मौके पर निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बरतने वाले या शिकायतों को दबाने वाले अधिकारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विभागीय कार्रवाई और निलंबन की चेतावनी दी गई है।

किसी नई परंपरा की अनुमति नहीं, आयोजनों में सुरक्षा व डेसिबल मानक अनिवार्य

बैठक में सीएम योगी ने स्पष्ट प्रशासनिक नीति दोहराते हुए कहा कि नवरात्रि के पंडालों, दुर्गा पूजा समितियों, रामलीला आयोजनों या गरबा-डांडिया उत्सवों में किसी भी प्रकार की 'नई परंपरा' की अनुमति नहीं दी जाएगी। पूर्व से निर्धारित स्थलों और परंपराओं के अनुसार ही आयोजन संपन्न कराए जाएं। आयोजकों से संवाद स्थापित कर अग्निशमन सुरक्षा (फायर सेफ्टी), आपातकालीन निकास मार्ग और प्राथमिक चिकित्सा के इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखने के लिए लाउडस्पीकर के प्रयोग को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित डेसिबल मानकों का शत-प्रतिशत पालन कराया जाएगा, ताकि बच्चों, बुजुर्गों और रोगियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस, एंटी-रोमियो स्क्वॉड 24 घंटे सक्रिय

नवरात्रि नारी शक्ति के आराधना का पर्व है, इसलिए महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए 'मिशन शक्ति' के तहत प्रदेशभर में व्यापक सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि दुर्गा पूजा पंडालों, बाजारों, मंदिरों और कोचिंग सेंटरों के आस-पास महिला पुलिसकर्मियों की सादी वर्दी में तैनाती की जाए और एंटी-रोमियो स्क्वॉड दिन-रात सक्रिय रहे। छेड़खानी या अश्लील फब्तियां कसने वालों पर बिना किसी रियायत के कठोर विधिक कार्रवाई के आदेश हैं। सभी शक्तिपीठों और प्रमुख देवी मंदिरों में सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के माध्यम से 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।

मिलावटखोरी पर जीरो टॉलरेंस, चौबीसों घंटे बिजली और निर्बाध स्वच्छता

त्योहारों के मौसम में खाद्य पदार्थों की शुद्धता बनाए रखने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। व्रत में इस्तेमाल होने वाले कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, मेवे, खोया, पनीर और मिठाइयों में मिलावट करने वाले माफियाओं के खिलाफ सीधे रासुका (NSA) जैसी कठोर धाराओं में कार्रवाई करने को कहा गया है। इसके साथ ही ऊर्जा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि त्योहारों के दौरान राज्य के किसी भी जिले या ग्रामीण क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती न हो और 24 घंटे निर्बाध आपूर्ति बनी रहे। नगर निगमों और पंचायतों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है कि मंदिर मार्गों और विसर्जन स्थलों पर निरंतर सफाई और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था मुकम्मल रहे।