भारी बारिश का कहर: यूपी के इस जिले में स्कूलों के साथ डिग्री कॉलेज भी बंद, प्रशासन ने जारी किया आदेश
उत्तर प्रदेश में मानसून के रौद्र रूप ने आम जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और रिहायशी इलाकों से लेकर प्रमुख सड़कों तक फैले भीषण जलभराव को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी भारी से अत्यधिक भारी बारिश और वज्रपात के अलर्ट के बीच प्रशासन ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के बाद अब जिले के सभी डिग्री कॉलेजों, उच्च शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों में भी तात्कालिक प्रभाव से अवकाश घोषित कर दिया गया है। जिलाधिकारी द्वारा जारी यह सख्त आदेश सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी सभी प्रकार के कॉलेजों पर समान रूप से लागू रहेगा।
जिला प्रशासन का सख्त आदेश: स्कूलों के बाद उच्च शिक्षण संस्थान भी बंद
बीते 24 से 48 घंटों के दौरान रिकॉर्ड तोड़ वर्षा के चलते शहर के अधिकांश संपर्क मार्ग, अंडरपास और प्रमुख चौराहे जलमग्न हो चुके हैं। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से शहरों में पढ़ाई करने आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। इसी गंभीर स्थिति की समीक्षा के बाद जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत यह निर्णय लिया। प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आदेश में यह भी रेखांकित किया गया है कि यदि किसी संस्थान ने आदेश की अवहेलना करते हुए कक्षाओं का संचालन किया, तो उसके विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पूर्व निर्धारित प्रतियोगी या विश्वविद्यालयी परीक्षाओं को लेकर अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
सड़कों पर दरिया जैसे हालात, जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त
जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था चरमरा चुकी है। लगातार बारिश के चलते कई कॉलोनियों में तीन से चार फीट तक पानी भर चुका है, जिससे घरों से बाहर निकलना नामुमकिन सा हो गया है। कई प्रमुख मार्गों पर पुराने वृक्षों के गिरने और बिजली के पोल टूटने से यातायात पूरी तरह ठप पड़ा है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से पेयजल संकट भी गहराने लगा है। नगर निगम और स्थानीय निकायों की टीमें पंपिंग सेट लगाकर मुख्य चौराहों और जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने में जुटी हुई हैं, लेकिन आसमान से बरसती लगातार आफत राहत कार्यों में सबसे बड़ा रोड़ा बन रही है।
मौसम विभाग की चेतावनी: अभी नहीं थमेगा आफत का दौर
मौसम केंद्र लखनऊ के पूर्वानुमान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने मानसूनी सिस्टम और चक्रवाती परिसंचरण का असर अभी अगले 24 से 36 घंटों तक बना रहेगा। मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना जताई है। बादलों की लगातार मौजूदगी और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दिन के समय भी हल्की ठंडक का अहसास होने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को अगले दो दिनों तक बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है।
नागरिकों के लिए एडवाइजरी: घरों में रहने की अपील
गंभीर मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने संयुक्त एडवाइजरी जारी कर नागरिकों से सहयोग की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि जब तक कोई अत्यंत आवश्यक कार्य या मेडिकल इमरजेंसी न हो, तब तक घरों से बाहर न निकलें। जर्जर भवनों, निर्माणाधीन दीवारों, ट्रांसफार्मरों और भारी बिजली तारों के संपर्क में आने से बचने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों और पशुपालकों को खुले आसमान के नीचे या बड़े पेड़ों के पास न रहने की सख्त हिदायत दी गई है ताकि आकाशीय बिजली की चपेट में आने से जानमाल का नुकसान न हो।