Kanwar Yatra 2026: मेरठ में 10 फीट से ऊंची कांवड़ और डीजे पर रोक, 789 मंदिरों में सुरक्षा और 23 ड्रोन से होगी हवाई निगरानी

Kanwar Yatra 2026: मेरठ में 10 फीट से ऊंची कांवड़ और डीजे पर रोक, 789 मंदिरों में सुरक्षा और 23 ड्रोन से होगी हवाई निगरानी

उत्तर प्रदेश में आगामी कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर पुलिस और जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं। मेरठ जिले में श्रावण मास के दौरान पवित्र जलाभिषेक के लिए सुरक्षा और व्यवस्था का एक अभेद्य खाका तैयार किया गया है। मेरठ के जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडेय ने कांवड़ मार्ग और डीजे संचालकों के लिए कड़े दिशा-निर्देश (Guidelines) जारी किए हैं।

कांवड़ और डीजे की ऊंचाई को लेकर कड़े नियम

प्रशासन ने कांवड़ यात्रियों और कांवड़ लाने वाली समितियों के लिए स्पष्ट नियम तय किए हैं:

  • ऊंचाई पर प्रतिबंध: जिले में 10 फीट से ऊंची कांवड़ लाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

  • डीजे के लिए गाइडलाइन: कांवड़ यात्रा के दौरान बजने वाले डीजे (DJ) की ऊंचाई भी अधिकतम 10 फीट और चौड़ाई 12 फीट से ज्यादा नहीं हो सकती।

  • ध्वनि सीमा (Sound Limit): डीजे संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे 75 डेसीबल (Decibel) से अधिक तेज आवाज में भक्ति गीत न चलाएं। नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों पर सीधे मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

789 शिवालयों और प्रमुख मंदिरों पर सुरक्षा का घेरा

मेरठ जिले में कुल 776 शिवालयों और 13 प्रमुख मंदिरों (कुल 789 धार्मिक स्थलों) पर जलाभिषेक किया जाएगा।

  • अस्थाई कांवड़ थाना: ऐतिहासिक औघड़नाथ मंदिर पर एक विशेष अस्थाई कांवड़ थाना और 9 अस्थाई चौकियां स्थापित की गई हैं।

  • पुलिस बल की तैनाती: प्रत्येक शिवालय पर थाना स्तर से दो-दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। संवेदनशील मानी जाने वाली 64 मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त चौकसी बरती जा रही है।

  • शिविरों के लिए नियम: कांवड़ सेवा शिविर संचालकों को मुख्य सड़क से 10-12 फीट की जगह छोड़कर ही टेंट लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

228 किलोमीटर लंबा कांवड़ मार्ग और ट्रैफिक प्लान

प्रशासन ने जिले में कुल 7 कांवड़ मार्ग चिह्नित किए हैं, जिनकी कुल दूरी 228 किलोमीटर है। कांवड़िए मुख्य रूप से गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग, नेशनल हाईवे-58 (NH-58) और शहर के अंदरूनी 5 रास्तों से गुजरेंगे।

  • मांस-मदिरा की दुकानों पर पाबंदी: कांवड़ रूट पर पड़ने वाले 197 शराब के ठेकों, 193 मीट की दुकानों और 110 नॉनवेज होटलों व 70 ढाबों को चिह्नित किया गया है। शराब की दुकानों को पहले की तरह पर्दों से ढका जाएगा, जबकि मीट की दुकानें यात्रा के दौरान पूरी तरह बंद रहेंगी।

  • धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा: कांवड़ मार्ग पर स्थित 67 मस्जिदों, 2 मजारों और 3 मदरसों पर भी सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल मुस्तैद रहेगा। इसके अलावा 5 रेलवे क्रॉसिंग और 5 टोल प्लाजा पर अतिरिक्त पिकेट तैनात की जाएगी।

हाई-टेक निगरानी: ड्रोन, सीसीटीवी और डिजिटल वॉलेंटियर

कांवड़ यात्रा की सुरक्षा को डिजिटल और आधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है:

  • हवाई निगरानी: पूरे यात्रा मार्ग पर 23 ड्रोन कैमरों के जरिए आसमान से नजर रखी जाएगी।

  • सीसीटीवी और कंट्रोल रूम: औघड़नाथ मंदिर समेत कुल 5 सीसीटीवी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। सुरक्षा के लिए 2,234 आईपी (IP) कैमरे और 1,270 सीसीटीवी कैमरे चालू किए गए हैं।

  • त्वरित सुरक्षा बल: आपातकालीन स्थितियों के लिए 18 क्यूआरटी (Quick Reaction Team), 3 वायरलेस कंट्रोल रूम और 3 वॉच टावर लगाए गए हैं।

  • अफवाहों पर लगाम: सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह का तुरंत खंडन करने के लिए 480 डिजिटल वॉलेंटियर्स की एक विशेष टीम को एक्टिव (सक्रिय) किया गया है।

  • गंगनहर पर गोताखोर: गंगनहर पटरी मार्ग पर कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए 12 नावें तैनात की गई हैं, जिन पर 35 प्रशिक्षित गोताखोर चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे।

जिलाधिकारी (DM) के प्रशासनिक निर्देश

मेरठ के डीएम ने बिजली विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं कि कांवड़ मार्गों पर ढीले तारों, क्षतिग्रस्त खंभों (Pools) और ट्रांसफार्मरों को तत्काल ठीक किया जाए। वन विभाग को सड़कों पर लटकी पेड़ों की टहनियों की छंटाई करने और सभी नगर निकायों को साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, लाइटिंग और सड़कों के गड्ढे भरने के काम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा है।