308 पहियों वाला विशालकाय भारी ट्रक दलदल में धंसा, डबल इंजन हाइड्रा भी खींचने में हुआ पस्त

308 पहियों वाला विशालकाय भारी ट्रक दलदल में धंसा, डबल इंजन हाइड्रा भी खींचने में हुआ पस्त

सड़क परिवहन और विशालकाय भारी वाहनों (ओडीसी कार्गो) की आवाजाही के दौरान अक्सर अप्रत्याशित बाधाएं सामने आती हैं, लेकिन जब 308 पहियों वाला एक विशालकाय मल्टी-एक्सल ट्रेलर सड़क के किनारे कीचड़ और दलदल में समा जाए, तो पूरे प्रशासनिक तंत्र के पसीने छूट जाते हैं। एक ऐसा ही हैरतअंगेज वाकया सामने आया है जहां भारी औद्योगिक बॉयलर और भारी मशीनरी ले जा रहा 308 पहियों का लंबा-चौड़ा मेगा ट्रेलर अचानक सड़क किनारे की कच्ची जमीन धंसने से गहरे दलदल में फंस गया। ट्रेलर का वजन इतना भयानक था कि मौके पर बुलाई गई आधुनिक तकनीक और डबल इंजन वाली शक्तिशाली हाइड्रा क्रेनें भी उसे एक इंच तक हिलाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुईं। इस घटना के बाद मार्ग पर घंटों यातायात व्यवस्था चरमरा गई और स्थानीय प्रशासन से लेकर ट्रांसपोर्ट कंपनी के इंजीनियरों की टीम मौके पर रेस्क्यू की योजना बनाने में जुट गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह भीमकाय वाहन एक बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट के लिए भारी-भरकम प्लांट मशीनरी लेकर अपने गंतव्य की ओर धीमी गति से बढ़ रहा था। संकरे और मोड़ों वाले रास्ते पर सामने से आ रहे अन्य वाहनों को रास्ता देने के फेर में चालक ने जैसे ही ट्रेलर को सड़क के किनारे थोड़ा उतारा, बारिश और नमी की वजह से कमजोर हो चुकी मिट्टी तुरंत धंस गई। देखते ही देखते वाहन के एक तरफ के दर्जनों पहिये दलदल में समाते चले गए। चालक ने स्थिति को भांपते हुए वाहन को वहीं रोक दिया, वरना ट्रेलर के असंतुलित होकर पलटने का बड़ा खतरा पैदा हो सकता था।

डबल इंजन हाइड्रा की ताकत भी पड़ी भारी वजन के आगे कम

घटना की सूचना मिलते ही ट्रांसपोर्ट कंपनी और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे। भारी-भरकम ट्रेलर को कीचड़ से खींचकर बाहर निकालने के लिए मौके पर भारी क्षमता वाली डबल इंजन हाइड्रा और रिकवरी क्रेन मंगवाई गईं। आमतौर पर ऐसे भारी क्रेन बड़े से बड़े ट्रकों और कंटेनरों को मिनटों में सीधा कर देते हैं, लेकिन 308 पहियों वाले इस ट्रेलर के कुल भार (सकल वजन) के आगे क्रेन की पूरी ताकत धरी की धरी रह गई।

इंजीनियरों ने जब हाइड्रा के जरिए ट्रेलर को खींचने का प्रयास किया, तो भारी खिंचाव के चलते क्रेन के अपने पहिये ही हवा में उठने लगे या सड़क पर फिसलने लगे। दलदल में धंसे पहियों के नीचे की मिट्टी अत्यधिक भार के कारण दलदली वैक्यूम जैसी बन चुकी थी, जिसने ट्रेलर को नीचे से मजबूती से जकड़ लिया था। घंटों तक चले इस पहले चरण के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बचाव दल को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर होना पड़ा।

लोहे की मोटी प्लेट्स और जैक का सहारा लेकर नई रणनीति

भारी हाइड्रोलिक क्रेनों की नाकामी के बाद ट्रांसपोर्ट इंजीनियर्स ने पारंपरिक लेकिन सुरक्षित इंजीनियरिंग तकनीक का सहारा लेने का फैसला किया। इसके तहत भारी क्षमता वाले हाइड्रोलिक बॉटल जैक मंगाए गए ताकि पहले धंसे हुए एक्सल्स को धीरे-धीरे थोड़ा ऊपर उठाया जा सके। इसके साथ ही ट्रेलर के धंसे हुए पहियों के नीचे बिछाने के लिए स्टील की भारी-भरकम प्लेट्स (आयरन शीट्स) और कंक्रीट के स्लीपर्स का इंतजाम किया गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक पहियों के नीचे ठोस आधार तैयार नहीं होगा, तब तक किसी भी क्रेन से खींचने का जोखिम नहीं लिया जा सकता। यदि अत्यधिक बलपूर्वक ट्रेलर को खींचने की कोशिश की गई, तो उसके एक्सल टूटने या भारी मशीनरी के गिरकर क्षतिग्रस्त होने का खतरा बन सकता है। ऐसे में बिना जल्दबाजी किए एक-एक पहिये के नीचे पत्थर और लोहे की चादरें बिछाकर कृत्रिम ट्रैक बनाने का काम तेजी से शुरू किया गया।

सड़क पर लगा लंबा जाम, रूट डायवर्जन से संभली स्थिति

308 पहियों वाले इस मेगा ट्रेलर के फंसने से मुख्य सड़क का आधा हिस्सा पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला और दोनों तरफ से आने वाले सामान्य वाहनों को रोककर वैकल्पिक ग्रामीण और बाईपास मार्गों से डायवर्ट किया गया। सड़क के दोनों ओर ट्रकों और लंबी दूरी की गाड़ियों की कतारें लग गईं।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जब तक इस भारी ट्रेलर को पूरी तरह सुरक्षित निकालकर मुख्य सड़क पर सीधा नहीं कर लिया जाता, तब तक भारी वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित रखा जाएगा। तकनीकी टीम दिन-रात काम में जुटी रही ताकि यातायात को जल्द से जल्द सुचारू बनाया जा सके।

विशालकाय ट्रांसपोर्टेशन में पहले से रेकी और सतर्कता की जरूरत

भारी उद्योगों के लिए इस तरह के सैकड़ों पहियों वाले हाइड्रोलिक एक्सल ट्रेलर्स का संचालन बेहद जटिल और तकनीकी काम होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे भारी कारवां को निकालने से पहले संबंधित मार्ग के पुलों, मोड़ों और सड़क के किनारों की मजबूती की बाकायदा जांच (रूट सर्वे) की जाती है। इस मामले में मिट्टी के कमजोर होने और हालिया बारिश के चलते यह अप्रत्याशित स्थिति पैदा हो गई।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आधुनिक इंजीनियरिंग के दौर में भी प्रकृति और भारी वजन का संतुलन बिगड़ते ही बड़े से बड़े शक्तिशाली संसाधन भी बेबस हो जाते हैं। फिलहाल लोहे की प्लेट्स और अतिरिक्त भारी मशीनों के संयुक्त प्रयास से ट्रेलर को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया जारी है।