यूपी में बारिश के बाद तेज धूप से अचानक उछला पारा, सुबह कोहरा तो दोपहर में सताने लगी उमस
उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदल गया है। बीते दिनों हुई बारिश के बाद जहां लोगों को हल्की ठंडक का अहसास हो रहा था, वहीं अब मानसून की वापसी की सुगबुगाहट के बीच आसमान साफ होते ही कड़क धूप ने दस्तक दे दी है। बारिश की वजह से जमीन और वायुमंडल में मौजूद नमी तथा दिन के समय निकली तेज धूप के मेल ने पूरे प्रदेश में भीषण उमस पैदा कर दी है। सुबह जहां कई इलाकों में घने कोहरे की चादर देखने को मिली, वहीं दोपहर होते-होते चिलचिलाती धूप और पसीने छुड़ाने वाली उमस ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया। एक ही दिन में मौसम के दो अलग-अलग रंगों ने लोगों की दिनचर्या के साथ-साथ सड़कों की रफ्तार को भी प्रभावित किया है।
सुबह घना कोहरा और दोपहर में कड़क धूप से बढ़ा तापमान
प्रदेश के कई जिलों में सुबह के वक्त मौसम का मिजाज बिल्कुल जुदा नजर आया। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और मेरठ-बागपत मार्ग समेत कई पश्चिमी इलाकों में सुबह के समय दृश्यता (विजिबिलिटी) काफी कम दर्ज की गई, जिससे वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। सुबह तड़के बाहर निकले लोगों को गुलाबी ठंड और ठंडी हवाओं का अहसास हुआ। हालांकि, जैसे-जैसे दिन चढ़ा, कोहरे की धुंध छंटने लगी और सुबह 9 से 10 बजे के बाद तीखी धूप निकल आई।
सूरज की तपिश बढ़ते ही तापमान में अचानक उछाल दर्ज किया गया। बीते दिन जहां अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज हुआ था, वहीं धूप खिलने से यह तेजी से ऊपर की ओर बढ़ रहा है। बारिश के बाद जमीन में मौजूद नमी जब भाप बनकर उठी, तो हवा में उमस का स्तर इतना बढ़ गया कि दोपहर के समय बाजारों में निकले राहगीरों और दफ्तर जाने वाले लोगों के पसीने छूट गए।
अगले 5 से 6 दिन बारिश के आसार कम, 33 डिग्री तक पहुंचेगा पारा
मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के अनुसार, उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों से अब बारिश का दौर धीरे-धीरे थमने लगा है। मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले 5 से 6 दिनों के दौरान प्रदेश के ज्यादातर जिलों में भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है। इस दौरान मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा, जिसके चलते दिन और रात दोनों के तापमान में लगातार इजाफा देखने को मिलेगा।
पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान बढ़कर 32 से 33 डिग्री सेल्सियस या उससे भी ऊपर पहुंच सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क रहने के आसार हैं, जबकि पूर्वांचल के कुछ जिलों जैसे वाराणसी, मीरजापुर और सोनभद्र के आसपास केवल छिटपुट या बहुत हल्की बूंदाबांदी ही देखने को मिल सकती है, जिससे उमस में और इजाफा होने की संभावना है। 1 अक्टूबर के बाद से पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह खुलने और धूप तीखी होने का अनुमान जताया गया है।
मौसमी उतार-चढ़ाव से स्वास्थ्य पर संकट, डॉक्टरों ने दी सतर्क रहने की सलाह
मौसम में आए इस अप्रत्याशित फेरबदल का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सुबह के समय ठंडक व कोहरे का असर और दोपहर में पसीने वाली उमस भरा वातावरण मानव शरीर के रोग प्रतिरोधक तंत्र (इम्यून सिस्टम) को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। इस तरह के 'सर्दी-गर्मी' वाले मौसम में मौसमी फ्लू, वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, गले में खराश और त्वचा संबंधी एलर्जी का खतरा काफी बढ़ जाता है।
चिकित्सकों ने सलाह दी है कि तेज धूप से सीधे एसी वाले कमरे में जाने या अत्यधिक ठंडा पानी पीने से बचें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम के तापमान में होने वाले बदलाव को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं किसानों के लिए सलाह दी गई है कि मौसम के शुष्क होने का लाभ उठाते हुए वे खरीफ की तैयार फसलों की कटाई और प्रबंधन की योजना बना सकते हैं।