कौन हैं यूपी के मंत्री संदीप सिंह जो बनने जा रहे गाजियाबाद के दामाद
उत्तर प्रदेश की राजनीति और सांस्कृतिक गलियारों में इन दिनों एक हाई-प्रोफाइल शादी की चर्चाएं जोरों पर हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह जल्द ही वैवाहिक बंधन में बंधने जा रहे हैं। अपनी राजनीतिक विरासत और फैसलों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले मंत्री संदीप सिंह की शादी तय होने के साथ ही यह सवाल हर किसी की जुबान पर है कि आखिर वे किसके साथ सात फेरे लेने जा रहे हैं और किस परिवार से उनका नाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंत्री संदीप सिंह गाजियाबाद के एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार की बेटी मेघना चौधरी के साथ विवाह के बंधन में बंधने जा रहे हैं, जिसके बाद से वे आधिकारिक तौर पर 'गाजियाबाद के दामाद' बनने जा रहे हैं। इस शाही और बहुचर्चित रिश्ते ने राजनीतिक हलकों में एक बार फिर से उत्तर प्रदेश के सबसे कद्दावर राजनीतिक घरानों में से एक 'कल्याण सिंह परिवार' के इतिहास को ताजा कर दिया है।
#1 उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम दिवंगत कल्याण सिंह के पोते हैं संदीप सिंह
संदीप सिंह का राजनीतिक और पारिवारिक ताना-बाना भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वैचारिक पृष्ठभूमि और उत्तर प्रदेश की सियासत के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक रहा है। वे उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल रहे दिवंगत कल्याण सिंह के पौत्र हैं। कल्याण सिंह भारतीय राजनीति में उस कद्दावर नेता के रूप में जाने जाते थे जिन्होंने हिंदी पट्टी में भाजपा की जड़ें जमाने और उसे शिखर तक पहुंचाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। दादा कल्याण सिंह की राजनीतिक विरासत को संभालते हुए ही युवा नेता संदीप सिंह ने बेहद कम उम्र में प्रदेश की सक्रिय राजनीति में कदम रखा और आज योगी सरकार में शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग की कमान संभाल रहे हैं।
#1 राजनीतिक परिवार: पिता सांसद और मां रह चुकी हैं विधायक
संदीप सिंह का पूरा परिवार दशकों से उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति के केंद्र में रहा है। उनके पिता राजवीर सिंह उर्फ 'राजू भैया' उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहने के साथ-साथ एटा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद भी रह चुके हैं। इसके अलावा उनकी माता प्रेमलता वर्मा भी अतरौली विधानसभा क्षेत्र से विधायक की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। राजनीतिक रसूख और जनसेवा की इस पारिवारिक पृष्ठभूमि के चलते संदीप सिंह को विरासत में ही राजनीति के गुर मिल गए थे। अलीगढ़ के अतरौली विधानसभा क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले इस परिवार का पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों में एक अलग ही रूतबा माना जाता है।
#1 उच्च शिक्षा और राजनीतिक सफर की शानदार शुरुआत
राजनीतिक घराने से ताल्लुक रखने के बावजूद संदीप सिंह ने अपनी उच्च शिक्षा देश और विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों से पूरी की है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) से अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद यूनाइटेड किंगडम (UK) की लीड्स बेकेट यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस एंड स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री (MA) हासिल की है। इसके बाद उन्होंने साल 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपनी पारंपरिक सीट अतरौली से चुनावी मैदान में कदम रखा और शानदार जीत दर्ज की। योगी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्हें कम उम्र में ही राज्य मंत्री बनाया गया और बाद में उनके शानदार कार्यप्रदर्शन को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग जैसे बड़े महकमे की जिम्मेदारी सौंपी गई।
#1 गाजियाबाद की मेघना चौधरी से तय हुआ रिश्ता, जल्द गूंजेंगी शहनाइयां
मंत्री संदीप सिंह का रिश्ता गाजियाबाद के लाजपत नगर क्षेत्र में रहने वाले एक प्रतिष्ठित और संपन्न कारोबारी परिवार की पुत्री मेघना चौधरी से तय हुआ है। शुरुआती दौर में दोनों की दोस्ती स्कूली शिक्षा के दिनों की बताई जाती है, जो अब परिणय सूत्र में बदलने जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल शादी समारोह को लेकर दोनों परिवारों में उत्साह का माहौल है और विवाह की तारीख नजदीक आते ही तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस भव्य आयोजन में देश और राज्य के कई दिग्गजों, केंद्रीय मंत्रियों व मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की पूरी संभावना है।