'योगी ने किया माफिया का सफाया, यूपी में तीसरी बार बनेगी प्रचंड बहुमत की भाजपा सरकार': लखनऊ में गरजे अमित शाह

'योगी ने किया माफिया का सफाया, यूपी में तीसरी बार बनेगी प्रचंड बहुमत की भाजपा सरकार': लखनऊ में गरजे अमित शाह

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी की नवगठित प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय महाबैठक के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी हुंकार भरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्रियों और संगठन के 2,800 से अधिक वरिष्ठ प्रतिनिधियों की मौजूदगी में अमित शाह ने साफ शब्दों में कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की जनता एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड जनादेश देकर तीसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे 2017 की 312 सीटों वाली ऐतिहासिक जीत के जज्बे को याद करें और 'अर्जुन की तरह मछली की आंख' पर निशाना साधते हुए अभी से बूथ स्तर पर सक्रिय हो जाएं।

योगी के कानून-व्यवस्था मॉडल की खुली तारीफ: 'यूपी से माफिया और गुंडाराज का हुआ सफाया'

गृह मंत्री ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'जीरो टॉलरेंस' गवर्नेंस की खुलकर पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान संगठित माफिया, बाहुबलियों और दंगाइयों के सुरक्षित पनाहगाह के रूप में की जाती थी, लेकिन योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालते ही कठोर और पारदर्शी प्रशासन के जरिए राज्य से माफिया राज की जड़ों को पूरी तरह उखाड़ फेंका है। अमित शाह ने कहा कि योगी सरकार ने अपराधियों पर कानून का ऐसा शिकंजा कसा कि आज गुंडे और माफिया या तो सलाखों के पीछे हैं या प्रदेश की सीमा छोड़कर भाग चुके हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस प्रदेश में पहले कानून-व्यवस्था भगवान भरोसे थी, वहां आज सुरक्षित माहौल देखकर पूरी दुनिया का विश्वास लौटा है।

आंकड़ों की जुबानी बदला यूपी: डकैती 80% घटी, दंगों में 70% और लूट में 74% की भारी गिरावट

सपा और बसपा के पूर्ववर्ती कार्यकालों की तुलना करते हुए अमित शाह ने कानून-व्यवस्था में आए ऐतिहासिक सुधार के आधिकारिक आंकड़े मंच से रखे। उन्होंने बताया कि बीते दस वर्षों में भाजपा के डबल इंजन शासन में:

  • डकैती की घटनाओं में 80 फीसदी की ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है।

  • लूट और छिनैती के मामलों में 74 फीसदी की भारी गिरावट आई है।

  • सांप्रदायिक दंगों और तनाव की घटनाओं में 70 फीसदी की कमी हुई है।

  • व्यापारियों और आम नागरिकों से वसूली जाने वाली रंगदारी (गुंडा टैक्स) में 60 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है।

शाह ने कहा कि ये आंकड़े केवल कागजी नहीं हैं, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों द्वारा महसूस किए जा रहे भयमुक्त वातावरण का ठोस प्रमाण हैं।

'लॉ एंड ऑर्डर सुधरा तो आया निवेश, निवेश से मिला रोजगार और थमा पलायन'

अमित शाह ने विकास और सुरक्षा के बीच के सीधे संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था केवल पुलिसिंग का विषय नहीं होती, बल्कि यह पूरे राज्य की आर्थिकी की रीढ़ होती है। उन्होंने कहा कि योगी जी ने जब प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर को मजबूत किया, तो देश और दुनिया के बड़े उद्योगपतियों का भरोसा यूपी पर बहाल हुआ। जब सुरक्षा मिली तो लाखों करोड़ रुपये का भारी निवेश प्रदेश में धरातल पर उतरा। इस भारी औद्योगिक निवेश के चलते स्थानीय युवाओं को अपने ही गृह राज्य में लाखों रोजगार के अवसर मिले, जिसके परिणामस्वरूप वर्षों से चला आ रहा यूपी के मेहनती युवाओं का पलायन अब पूरी तरह थम चुका है।

2027 में वापसी पर बड़ा ऐलान: 'यूपी में लागू होगी समान नागरिक संहिता'

लखनऊ के इस मंच से गृह मंत्री ने एक बड़ा नीतिगत संकल्प दोहराते हुए कहा कि उत्तराखंड की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी 2027 में तीसरी बार भाजपा की सरकार बनते ही समान नागरिक संहिता (UCC) को पूरी तरह से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति करने वाली विपक्षी पार्टियों ने दशकों तक सामाजिक न्याय और महिला अधिकारों के नाम पर केवल वोट बैंक को साधा, लेकिन भाजपा हर नागरिक को समान अधिकार दिलाने के लिए संकल्पित है। शाह ने राम मंदिर निर्माण, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को शांतिपूर्ण तरीके से हटाने और तीन तलाक के खात्मे का उल्लेख करते हुए कहा कि जो फैसले कभी नामुमकिन माने जाते थे, वे आज देश की वास्तविकता बन चुके हैं।

अखिलेश यादव पर हमला: 'जनता अब तुष्टीकरण और परिवारवाद के झांसे में नहीं आने वाली'

सपा प्रमुख अखिलेश यादव को आड़े हाथों लेते हुए अमित शाह ने कहा कि जो लोग आज सत्ता में वापसी के मुगालते पाले हुए हैं, वे भूल रहे हैं कि जनता उनके 2012 से 2017 के कार्यकाल की अराजकता को नहीं भूली है। उन्होंने याद दिलाया कि सपा सरकार के दौरान किस तरह दंगाइयों को संरक्षण मिलता था और विकास के नाम पर केवल एक परिवार की तिजोरी भरी जाती थी। शाह ने साफ शब्दों में कहा कि विपक्षी दलों के पास न कोई विजन है और न ही विकास का कोई स्पष्ट एजेंडा; वे केवल जातिगत विभाजन और तुष्टीकरण के सहारे सत्ता की मलाई खाना चाहते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाएं और जनता के बीच रहकर 2027 में प्रचंड जीत का परचम लहराएं।