3-स्टार टॉप जनरल ने लीक की ईरान जंग की सीक्रेट फाइलें, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने तुरंत किया बर्खास्त

3-स्टार टॉप जनरल ने लीक की ईरान जंग की सीक्रेट फाइलें, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने तुरंत किया बर्खास्त

अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन के भीतर इस वक्त भारी खलबली मची हुई है। दशकों के इतिहास में ऐसा पहली बार देखा जा रहा है जब सेना के सबसे ताकतवर रणनीतिकारों में शुमार तीन-सितारा (3-Star) शीर्ष जनरल पर देश की सबसे संवेदनशील युद्ध योजनाओं को लीक करने का आरोप लगा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सख्त कदम उठाते हुए जॉइंट स्टाफ के डायरेक्टर ऑफ स्ट्रैटेजी, प्लान्स एंड पॉलिसी (J-5) लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया को उनके पद से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। आरोप है कि जनरल सिल्विया ने ईरान के खिलाफ संभावित अमेरिकी सैन्य ऑपरेशनों और यूक्रेन से जुड़ी बेहद गोपनीय फाइलों की जानकारी अनधिकृत तरीके से पत्रकारों तक पहुंचाई थी।

कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया और क्या थी उनकी जिम्मेदारी?

लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया अमेरिकी सेना के सबसे सम्मानित और प्रभावशाली अधिकारियों में गिने जाते रहे हैं। पेंटागन के जॉइंट स्टाफ में J-5 का पद वह धुरी होता है जहां अमेरिका के भविष्य के युद्धों, वैश्विक सैन्य तैनाती और सामरिक रणनीतियों का खाका खींचा जाता है। दुनिया के किसी भी कोने में अगर अमेरिकी सेना को कोई बड़ा ऑपरेशन करना हो, तो उसकी नीति और तैयारी इसी विंग की देखरेख में बनती है। 32 से अधिक वर्षों तक अमेरिकी सेना में शानदार सेवाएं देने वाले सिल्विया 101वीं एयरबोर्न डिवीजन के कमांडर रह चुके हैं और उन्होंने इराक व अफगानिस्तान युद्ध में भी अहम भूमिकाएं निभाई थीं। ऐसे शीर्ष स्तर के रणनीतिकार का इस तरह जासूसी और लीक के घेरे में आना अमेरिकी सैन्य इतिहास की सबसे बड़ी शर्मिंदगी माना जा रहा है।

खुफिया जांच में हुआ भंडाफोड़: पॉलीग्राफ टेस्ट में पकड़े गए जनरल

मामले का खुलासा तब हुआ जब पेंटागन के आंतरिक सुरक्षा तंत्र को मीडिया में छपने वाली कुछ बेहद गोपनीय रिपोर्टों में पेंटागन के अंदरूनी दस्तावेजों के इस्तेमाल का शक हुआ। इसके बाद रक्षा विभाग के जांचकर्ताओं ने शीर्ष अधिकारियों की गहन सुरक्षा समीक्षा शुरू की। सूत्रों के अनुसार, जब लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया का पॉलीग्राफ (लाई-डिटेक्टर) टेस्ट कराया गया, तो उनके जवाबों में भारी विसंगतियां दर्ज की गईं। जांच में दबाव बढ़ने पर जनरल ने स्वीकार किया कि उन्होंने एक किताब लिख रहे पत्रकार और कुछ अन्य मीडिया कर्मियों के साथ संवेदनशील जानकारियां बिना किसी आधिकारिक मंजूरी या सुरक्षा समन्वय के साझा की थीं। इन जानकारियों में मध्य पूर्व में ईरान से संभावित सैन्य टकराव की अमेरिकी रणनीति और हथियार प्रणालियों की तैनाती से जुड़े दस्तावेज शामिल थे।

रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का कड़ा प्रहार: विदाई सम्मान छीना, डीओजे को सौंपी जांच

पेंटागन की कमान संभाल रहे रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस खुलासे के बाद बिना कोई नरमी बरते जनरल सिल्विया पर 'कमांड में विश्वास खोने' (Loss of Confidence) का फैसला सुनाते हुए उन्हें पद से हटा दिया। इतना ही नहीं, पेंटागन ने 32 साल की सेवा के बाद उनके सम्मान में जारी किया जाने वाला आधिकारिक विदाई संदेश और औपचारिक फेयरवेल समारोह भी तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया। रक्षा मंत्री के निर्देश पर इस पूरे मामले को अमेरिकी न्याय विभाग (Department of Justice) और एफबीआई को सौंप दिया गया है। अब जनरल सिल्विया पर 'एस्पियोनेज एक्ट' (जासूसी कानून) और गोपनीय राष्ट्रीय सुरक्षा दस्तावेजों के अवैध प्रकटीकरण के तहत आपराधिक मुकदमा चलाने की तैयारी की जा रही है, जिसके चलते उन्हें गंभीर अदालती कार्रवाई और जेल की सजा तक का सामना करना पड़ सकता है।

पेंटागन में 'जीरो टॉलरेंस': अंदरूनी लीक्स पर ट्रंप प्रशासन का सबसे बड़ा एक्शन

यह कार्रवाई केवल एक जनरल के निलंबन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पेंटागन और खुफिया तंत्र में मौजूद उन सभी तत्वों के लिए एक कड़ा संदेश है जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील सूचनाओं को राजनीतिक या व्यक्तिगत कारणों से बाहर लीक करते हैं। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वाला चाहे कोई जूनियर सैनिक हो या चार-सितारा जनरल, किसी को बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना के बाद पेंटागन के भीतर अन्य अधिकारियों के सुरक्षा क्लीयरेंस और डिजिटल संचार की भी बड़े पैमाने पर ऑडिटिंग शुरू कर दी गई है।

दुनिया भर में गूंज: क्या खतरे में पड़ गई अमेरिकी सहयोगियों की सुरक्षा?

ईरान और यूक्रेन जैसे अत्यधिक संवेदनशील मोर्चों पर अमेरिकी युद्ध योजनाओं के लीक होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंताएं बढ़ गई हैं। इजरायल समेत मध्य पूर्व के अन्य सहयोगी देश इस बात को लेकर आशंकित हैं कि कहीं इन लीक्स से उनके साझा खुफिया तंत्र और सैन्य ऑपरेशनों को नुकसान न पहुंचा हो। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मध्य पूर्व में ईरान और उसके समर्थित गुटों के साथ तनाव अपने चरम पर है। अमेरिकी सेना के रणनीतिक मुख्यालय से योजनाओं का बाहर आना यह साबित करता है कि पेंटागन की सबसे सुरक्षित दीवारों के भीतर भी सूचनाओं की सेंधमारी का खतरा बना हुआ है, जिसका असर आने वाले दिनों में अमेरिकी रक्षा नीति पर साफ दिखाई देगा।