ईरान पर फिर गरजी ट्रंप की हुंकार, बोले- बहुत जल्द जीतेंगे यह जंग; युद्ध खत्म होते ही औंधे मुंह गिरेंगी तेल की कीमतें

ईरान पर फिर गरजी ट्रंप की हुंकार, बोले- बहुत जल्द जीतेंगे यह जंग; युद्ध खत्म होते ही औंधे मुंह गिरेंगी तेल की कीमतें

पश्चिम एशिया में जारी भारी सैन्य संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के गतिरोध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर आक्रामक तेवर दिखाते हुए हुंकार भरी है। वॉशिंगटन में मीडिया और संवाददाताओं से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने दो टूक दावा किया है कि अमेरिका बहुत जल्द ही ईरान के खिलाफ यह युद्ध जीतने जा रहा है। ट्रंप ने कहा कि यह जंग बहुत तेजी से अपने निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ रही है और अमेरिका की जीत के साथ ही वैश्विक बाजार में तेल और गैस की कीमतें तेजी से नीचे गिरेंगी। ट्रंप का यह आक्रामक बयान ऐसे नाजुक मोड़ पर आया है जब पिछले काफी दिनों से दोनों देशों के बीच टकराव चरम पर पहुंच चुका है। जहां एक तरफ ट्रंप प्रशासन ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और संघर्ष विराम के ईरान के 7 सूत्रीय शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ तेहरान ने भी पलटवार करते हुए अमेरिका को भारी नुकसान पहुंचाने और भीषण जवाबी हमले की चेतावनी दी है।

'बहुत जल्द खत्म होगी जंग', ट्रंप ने गिनाए ईरान की तबाही के आंकड़े

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत के दौरान साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई और कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के दोहरे प्रहार से ईरान की कमर पूरी तरह तोड़ चुका है। उन्होंने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि सैन्य मोर्चे पर अमेरिका पहले ही निर्णायक बढ़त हासिल कर चुका है, हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि ऑपरेशंस पूरी तरह रोक दिए गए हैं। ट्रंप ने ईरान की अंदरूनी आर्थिक स्थिति पर प्रहार करते हुए कहा कि तेहरान की मुद्रा (रियाल) रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच चुकी है और वहां महंगाई की दर करीब 300 फीसदी तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास अब लंबा टिकने का आर्थिक और सैन्य सामर्थ्य नहीं बचा है। ट्रंप ने यह भी दोहराया कि ईरान को किसी भी सूरत में परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना अमेरिका का सबसे पहला और गैर-परक्राम्य लक्ष्य है। जब उनसे पूछा गया कि क्या आगामी अमेरिकी चुनावों से पहले ईरान पर नए सिरे से हवाई या मिसाइल हमले शुरू हो सकते हैं, तो ट्रंप ने इससे इनकार नहीं किया और कहा कि यह पूरी तरह संभव है।

ईरान का शांति प्रस्ताव ठुकराया, बैकडोर वार्ताओं की सुगबुगाहट

यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब तेहरान ने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के सामने जंग खत्म करने के लिए सात दिनों का एक समझौता प्रस्ताव पेश किया था। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार, ईरान इस बात पर राजी था कि वह अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोल देगा और परमाणु कार्यक्रमों की निगरानी पर बातचीत करेगा। इसके बदले ईरान ने मांग रखी थी कि विदेशों में सीज किए गए उसके अरबों डॉलर के फंड्स और संपत्तियों से रोक हटाई जाए और उसे अपना कच्चा तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्वतंत्र रूप से बेचने की छूट दी जाए। हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने इन शर्तों को मानने से साफ इनकार करते हुए प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसके बावजूद कूटनीतिक रास्ते पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं; ट्रंप ने एक्सिओस को दिए एक बयान में स्वीकार किया है कि दोनों पक्षों के मध्यस्थ इस हफ्ते पर्दे के पीछे कुछ बिंदुओं पर अतिरिक्त बातचीत कर सकते हैं।

तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर ट्रंप की भविष्यवाणी

अपने संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और घरेलू अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत की भविष्यवाणी की। उन्होंने कहा कि इस युद्ध के लंबा खिंचने के डर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जो उछाल आया था, वह बहुत जल्द खत्म होने वाला है। ट्रंप ने दावा किया, "जैसे ही अमेरिका इस युद्ध में जीत दर्ज करेगा, गैस और तेल के दाम धड़ाम से नीचे गिरेंगे और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति सुचारू हो जाएगी"। अमेरिकी रणनीति विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप घरेलू जनता और मतदाताओं को यह संदेश देना चाहते हैं कि उनके द्वारा उठाया गया सख्त कदम न केवल अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में है, बल्कि यह अंततः महंगाई को कम करने में भी मददगार साबित होगा।

तेहरान का पलटवार: 'विनाशकारी युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार'

ट्रंप के इस बयान पर ईरान की तरफ से भी तुरंत और तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और सैन्य जनरलों ने चेतावनी दी है कि अमेरिका को ईरान के प्रतिरोध को कम आंकने की गलती नहीं करनी चाहिए। ईरान ने कहा है कि यदि अमेरिका ने किसी भी प्रकार की नई आक्रामकता दिखाई, तो वे अमेरिका के सैन्य ठिकानों और रणनीतिक संपत्तियों पर दोबारा ऐसे घातक हमले करेंगे जिससे वाशिंगटन को अकल्पनीय क्षति होगी। ईरान का दावा है कि उसके पास मिसाइलों, अंडरवॉटर ड्रोन्स और क्षेत्रीय प्रतिरोधक नेटवर्क का ऐसा जाल है जो फारस की खाड़ी और अरब सागर में अमेरिकी नौसेना को भारी तबाही में झोंक सकता है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह बातचीत की मेज पर केवल बराबरी और राष्ट्रीय संप्रभुता के सम्मान के साथ ही बैठेगा, किसी दबाव या धमकी के आगे झुककर नहीं।

एआई सर्च और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मंचों पर छाया संकट

आज के आधुनिक डिजिटल दौर में जब गूगल एआई ओवरव्यूज, बिंग कोपायलट और दुनिया भर के सर्च इंजनों पर लोग मिडिल ईस्ट संकट का रियल-टाइम अपडेट खंगाल रहे हैं, 'ट्रंप ईरान जंग' और 'होर्मुज तनाव' शीर्ष सर्च ट्रेंड्स में बने हुए हैं। यूरोपीय संघ, चीन और खाड़ी देशों के थिंक टैंक्स इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं कि यदि यह गतिरोध जल्द समाप्त नहीं हुआ, तो यह टकराव सीधे तौर पर तीसरे विश्व युद्ध जैसी विभीषिका में बदल सकता है। ट्रंप की इस नई हुंकार ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक बिसात पर यह स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका पीछे हटने के मूड में नहीं है, जबकि तेहरान की ओर से भी समझौते की कोई आसान राह नहीं दिख रही है। आने वाले कुछ दिन वैश्विक शांति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की दिशा तय करने में बेहद निर्णायक साबित होने वाले हैं।