3.73 लाख करोड़ की बोलियों से बना रिकॉर्ड; GMP से लिस्टिंग पर बंपर मुनाफे के संकेत
भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में देश का सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित पब्लिक इश्यू नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम शाखा 'जियो प्लेटफॉर्म्स' का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) बोली लगाने के दूसरे दिन के अंत तक कुल 5.5 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। निवेशकों में इस मेगा इश्यू को लेकर ऐसा अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है कि 30,200 करोड़ रुपये के कुल इश्यू साइज के मुकाबले अब तक लगभग 3.73 लाख करोड़ रुपये मूल्य की विशालकाय बोलियां प्राप्त हो चुकी हैं। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो कंपनी की ओर से बाजार में रखे गए कुल 19.75 करोड़ इक्विटी शेयरों के बदले देश-विदेश के निवेशकों ने 110 करोड़ शेयरों के लिए अपनी बोलियां पंच कर दी हैं। पहले ही दिन महज 100 मिनट के भीतर शत-प्रतिशत सब्सक्राइब होकर भारत का सबसे तेज मेगा आईपीओ बनने का गौरव हासिल करने वाली जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रति संस्थागत और खुदरा दोनों वर्गों में होड़ मची हुई है।
ग्रे मार्केट में 243 रुपये का प्रीमियम: लिस्टिंग पर 22% तक के तगड़े मुनाफे का इशारा
प्राइमरी मार्केट में शेयरों की भारी मांग के बीच अनऑफिशियल ग्रे मार्केट में भी जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर का जलवा बरकरार है। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में निवेशकों का मजबूत भरोसा साफ झलक रहा है। हालांकि पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में जीएमपी में मामूली सा उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया, लेकिन रात सवा नौ बजे तक जियो आईपीओ का जीएमपी 243 रुपये के स्तर पर मजबूती से टिका रहा। इसका सीधा गणित यह बताता है कि जियो का शेयर अपने इश्यू प्राइस के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले लगभग 21.72 प्रतिशत के प्रीमियम पर लिस्ट हो सकता है। यदि लिस्टिंग वाले दिन तक बाजार का सेंटिमेंट इसी तरह अनुकूल बना रहा, तो सफल आवंटन पाने वाले निवेशकों को पहले ही दिन प्रति शेयर 243 रुपये से अधिक का सीधा मुनाफा (लिस्टिंग गेन) मिलने की प्रबल संभावना है, जिसे किसी भी मेगा साइज पब्लिक इश्यू के लिए अत्यंत आकर्षक माना जाता है।
क्यूआईबी ने लगाया 13 गुना का जोर: जानिए रिटेल, एनआईआई और कर्मचारियों का सब्सक्रिप्शन आंकड़ा
शेयर बाजार के अलग-अलग निवेशक वर्गों के आंकड़ों का गहन विश्लेषण करें तो संस्थागत खरीदारों ने इस इश्यू को हाथों-हाथ लिया है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए आरक्षित कोटे को अब तक 13.29 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका है। क्यूआईबी श्रेणी में रखे गए 4.9 करोड़ शेयरों के मुकाबले 65.14 करोड़ शेयरों के लिए भारी-भरकम संस्थागत बोलियां प्राप्त हुईं। दूसरी ओर गैर-संस्थागत निवेशकों यानी हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (NII) की कैटेगरी में भी जबर्दस्त रुझान देखने को मिला और यह हिस्सा 5.97 गुना सब्सक्राइब हुआ। आम खुदरा निवेशकों (Retail Segment) का कोटा भी पूरी तरह भरकर 1.54 गुना हो चुका है, जिसमें उपलब्ध 8.5 करोड़ शेयरों के सामने रिटेल खरीदारों ने 13.09 करोड़ शेयरों की बोलियां लगा दी हैं। इसके अलावा रिलायंस समूह के कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्से में 2.1 गुना और मौजूदा शेयरधारकों के विशेष कोटे में 4.04 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज हुआ है, जो कंपनी के प्रति आंतरिक विश्वास को भी दर्शाता है।
212 एंकर निवेशकों को 8110 करोड़ के शेयर आवंटित: 30 गुना से ज्यादा आई थी संस्थागत डिमांड
पब्लिक सब्सक्रिप्शन विंडो खुलने से पहले ही जियो प्लेटफॉर्म्स ने वैश्विक और घरेलू एंकर निवेशकों के बीच अपनी मजबूत पैठ साबित कर दी थी। कंपनी ने अपने प्राइस बैंड के उच्चतम स्तर पर 212 शीर्ष एंकर निवेशकों को 8,109.85 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए थे। एंकर बुक के दौरान अंतरराष्ट्रीय सॉवरेन वेल्थ फंड्स, दिग्गज पेंशन फंड्स और प्रमुख म्यूचुअल फंड हाउसों की तरफ से कुल मांग 2.5 लाख करोड़ रुपये के चौंकाने वाले स्तर तक पहुंच गई थी। यह आंकड़ा एंकर हिस्से के लिए निर्धारित शेयरों की कुल कीमत से 30 गुना से भी अधिक था, जिसने पहले ही यह साफ कर दिया था कि यह आईपीओ दलाल स्ट्रीट पर नया इतिहास रचने जा रहा है।
23 अक्टूबर को बंद होगी बिडिंग: 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री की तैयारी
जियो प्लेटफॉर्म्स का तीन दिवसीय पब्लिक इश्यू 21 अक्टूबर को खुला था और 23 अक्टूबर को बोली लगाने की अंतिम समय-सीमा समाप्त हो जाएगी। जिन निवेशकों ने अब तक बोली नहीं लगाई है, उनके लिए शुक्रवार का दिन आवेदन करने का आखिरी अवसर होगा। बोलियां बंद होने के बाद सफल आवेदकों को शेयरों का आवंटन पूरा किया जाएगा और आगामी 28 अक्टूबर को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) तथा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर जियो के शेयरों की धमाकेदार लिस्टिंग होने की पूरी संभावना है। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि टेलीकॉम सेक्टर में मजबूत 5G नेटवर्क, डिजिटल सर्विसेज और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में कंपनी की अग्रणी स्थिति आने वाले वर्षों में इसके वैल्यूएशन को और अधिक विस्तार देगी, जिसके चलते दीर्घकालिक निवेशक इस इश्यू में पूरे दमखम के साथ बने हुए हैं।