अमरोहा में ग्राम सचिव की सरकारी ID हैक कर बनाए 1100 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र

अमरोहा में ग्राम सचिव की सरकारी ID हैक कर बनाए 1100 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में सरकारी डिजिटल सुरक्षा प्रणाली में सेंधमारी का एक अत्यंत सनसनीखेज और व्यापक साइबर फर्जीवाड़ा सामने आया है। शातिर साइबर अपराधियों ने सरकारी पोर्टल की सुरक्षा में बड़ी सेंध लगाकर ग्राम पंचायतों के अधिकृत ग्राम विकास अधिकारी (ग्राम सचिव) की लॉगिन आईडी हैक कर ली और उसके जरिए 1,100 से अधिक फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी कर डाले। हैरान करने वाली बात यह है कि ये डिजिटल सर्टिफिकेट्स केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के 17 अलग-अलग राज्यों के संदिग्ध लोगों के नाम पर आनन-फानन में तैयार किए गए हैं। इस बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश उस समय हुआ जब स्वास्थ्य विभाग जिले की ग्राम पंचायतों की यूजर आईडी की नियमित समीक्षा और उन्हें निष्क्रिय करने की कार्रवाई कर रहा था। फर्जीवाड़े की व्यापकता और राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके गंभीर खतरे को देखते हुए जिले के प्रशासनिक महकमे और साइबर सेल में हड़कंप मच गया है।

मंडी धनौरा की चार ग्राम पंचायतों पर साइबर हमला: स्वास्थ्य विभाग की पड़ताल में खुला 1100 सर्टिफिकेट्स का खेल

जांच में सामने आया है कि मंडी धनौरा विकास खंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मुसल्लेपुर के ग्राम सचिव राजीव कुमार की आधिकारिक आईडी में यह सेंधमारी की गई। राजीव कुमार के पास मुसल्लेपुर के अलावा तीन अन्य ग्राम पंचायतों—मोहम्मद पट्टी, सैदपुर और बाखरपुर का भी अतिरिक्त प्रभार है। साइबर जालसाजों ने शातिराना ढंग से इन चारों पंचायतों की ग्राम सचिव आईडी को एक साथ हैक किया और 5 अक्टूबर को महज कुछ ही घंटों के भीतर 1,100 से ज्यादा फर्जी जन्म प्रमाण पत्र धड़ाधड़ ऑनलाइन जारी कर दिए। जब स्वास्थ्य विभाग सुरक्षा कारणों से जिले की ग्राम पंचायत आईडीज को डीएक्टिवेट करने की प्रक्रिया पूरी कर रहा था, तब सिस्टम लॉग्स में असामान्य और भारी संख्या में अप्रूवल्स देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि यह पूरा खेल जोया ब्लॉक में सामने आए मामले से भी पहले अंजाम दिया जा चुका था।

जोया के तोफापुर में 498 फर्जी प्रमाण पत्रों की पहले ही दर्ज है जांच: एहलेदादपुर और नन्हेड़ा में भी लगी थी सेंध

अमरोहा में सरकारी आईडी हैक कर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने की यह कोई पहली वारदात नहीं है। इससे पहले जिले के जोया ब्लॉक की तोफापुर ग्राम पंचायत में तैनात ग्राम सचिव अमरजीत सिंह की आईडी में सेंध लगाकर 6 और 7 अक्टूबर को 498 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए थे। 14 अक्टूबर को जब सचिव ने अपना पोर्टल लॉगिन किया, तब रिकॉर्ड में दर्ज अज्ञात आवेदकों के नाम देखकर इस गोरखधंधे की पहली परत खुली थी। इसके बाद जब तकनीकी जांच का दायरा बढ़ाया गया तो एहलेदादपुर और नन्हेड़ा अलियारपुर ग्राम पंचायतों की सरकारी आईडी भी हैक पाई गईं। इन दोनों मामलों में भी फर्जी सर्टिफिकेट्स देश के 17 राज्यों के विभिन्न जिलों के पतों पर तैयार किए गए थे, जिससे साफ संकेत मिलता है कि यह किसी स्थानीय जालसाज का काम नहीं, बल्कि देशव्यापी संगठित अंतरराज्यीय साइबर गिरोह की सोची-समझी साजिश है।

देश के 17 राज्यों के पते पर क्यों बने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र: राष्ट्रीय सुरक्षा और जासूसी के कोण से जांच

अमरोहा के छोटे-छोटे गांवों की आईडी से जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, असम, केरल, महाराष्ट्र, बिहार और पूर्वोत्तर समेत 17 राज्यों के लोगों के जन्म प्रमाण पत्र जारी होना खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर देने वाला विषय है। जन्म प्रमाण पत्र देश में नागरिकता, पासपोर्ट बनवाने, आधार कार्ड में संशोधन, मतदाता पहचान पत्र और अन्य महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेजों की सबसे पहली और बुनियादी कड़ी होता है। इस बात की गहरी आशंका जताई जा रही है कि विदेशी घुसपैठियों, रोहिंग्याओं या अवैध गतिविधियों में लिप्त संदिग्ध तत्वों को भारतीय पहचान दिलाने के लिए इस डार्क वेब या साइबर नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। पुलिस, स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) और साइबर क्राइम सेल अब यह पता लगाने में जुट गई हैं कि इन 1100 फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों के लिए सर्वर रिक्वेस्ट किस आईपी एड्रेस (IP Address) से भेजी गई थी और इसके बदले किस खाते में ऑनलाइन रकम ट्रांसफर हुई।

पूरे अमरोहा जिले की सभी 576 ग्राम पंचायतों और निकायों की आईडी सीज: दर्ज होगी एफआईआर

इस व्यापक फर्जीवाड़े की पुष्टि होते ही जिला प्रशासन ने आपातकालीन कदम उठाए हैं। सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) पंचायत योगेंद्र सिंह ने बताया कि मुसल्लेपुर समेत चारों ग्राम पंचायतों के मामले में अज्ञात साइबर अपराधियों और संलिप्त लोगों के खिलाफ संबंधित थाने में तत्काल कठोर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है। वहीं जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट शासन और उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। जिले में आगे किसी भी डिजिटल दुरुपयोग को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अमरोहा की सभी 576 ग्राम पंचायतों, 9 नगर निकायों और सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC/CHC) की जन्म-मृत्यु पंजीकरण से जुड़ी सभी यूजर आईडी को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक और निष्क्रिय कर दिया है। अब जिले में केवल भौतिक सत्यापन और बायोमेट्रिक प्रक्रिया के बाद ही नए सिरे से आईडी जारी की जाएंगी।