PNB खाताधारकों के लिए बड़ी चेतावनी: 10 नवंबर तक कराएं KYC, वरना बंद हो जाएगा अकाउंट
नई दिल्ली। यदि आपका खाता देश के दूसरे सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में है, तो यह खबर सीधे आपकी जेब और वित्तीय सुरक्षा से जुड़ी है। पंजाब नेशनल बैंक ने अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए एक बेहद सख्त और जरूरी अधिसूचना जारी की है। बैंक के अनुसार, यदि किसी ग्राहक का बैंक खाता लंबे समय से बिना किसी लेनदेन के पड़ा है और उसमें बैलेंस शून्य है, तो उसे 10 नवंबर के बाद हमेशा के लिए बंद (डी-एक्टिवेट) कर दिया जाएगा।
अक्सर लोग नौकरी बदलने, एक शहर से दूसरे शहर शिफ्ट होने या नया अकाउंट खुलवाने के बाद अपने पुराने बचत खाते या सैलरी अकाउंट को भूल जाते हैं। बैंक प्रबंधन ने साफ किया है कि ऐसे लावारिस पड़े खातों के जरिए होने वाले साइबर फ्रॉड, मनी लॉन्ड्रिंग और खातों के दुरुपयोग को रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाया जा रहा है। बैंक ने खाताधारकों को 10 नवंबर तक का अंतिम समय दिया है ताकि वे अपने जरूरी दस्तावेज जमा करवाकर खाते को फिर से चालू करवा सकें।
किन खाताधारकों पर गिरेगी गाज? समझें बैंक की 2 सबसे बड़ी शर्तें
पंजाब नेशनल बैंक द्वारा जारी सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, सभी ग्राहकों के खाते बंद नहीं किए जा रहे हैं। यह कार्रवाई केवल उन खातों पर की जाएगी जो बैंक द्वारा तय की गई दोहरी शर्तों के दायरे में आते हैं:
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3 साल से कोई लेनदेन नहीं: खाते में 30 सितंबर तक लगातार पिछले 3 वर्षों से ग्राहक द्वारा कोई भी वित्तीय या गैर-वित्तीय लेनदेन (Customer-Induced Transaction) न किया गया हो। यानी 30 सितंबर 2023 के पहले से खाता पूरी तरह निष्क्रिय पड़ा हो।
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खाते में जीरो बैलेंस: खाते में कोई भी धनराशि शेष न हो, यानी बैलेंस शून्य (Zero Balance) हो।
यदि आपके खाते में पैसे जमा हैं, भले ही आपने लंबे समय से कोई निकासी न की हो, तो आपका खाता बंद नहीं होगा; वह केवल इनऑपरेटिव या डोरमेंट (निष्क्रिय) श्रेणी में रहेगा। लेकिन यदि खाता 3 साल से खाली है और उसमें एक रुपया भी नहीं है, तो बैंक 10 नवंबर के बाद उसे स्थायी रूप से बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर देगा।
इनऑपरेटिव और क्लोजर के नियमों में क्या है बुनियादी अंतर?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सामान्य नियमों के तहत, यदि किसी चालू (Current) या बचत (Savings) खाते में लगातार 24 महीने (2 साल) तक कोई गतिविधि नहीं होती है, तो उसे 'इनऑपरेटिव' यानी निष्क्रिय घोषित कर दिया जाता है। निष्क्रिय होने पर ऑनलाइन बैंकिंग या एटीएम से निकासी पर रोक लग जाती है, लेकिन खाता बंद नहीं होता।
पीएनबी की यह ताजा कार्रवाई इससे एक कदम आगे की है। बैंक ने सुरक्षा जोखिमों को कम करने के लिए 3 साल की निष्क्रियता और शून्य शेष राशि वाले खातों को पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया है। बैंक का तर्क है कि ऐसे शून्य बैलेंस खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधी 'म्यूल अकाउंट' (फर्जी लेन-देन के लिए इस्तेमाल होने वाले खाते) के रूप में करने की फिराक में रहते हैं।
बंद होने से कैसे बचाएं अपना खाता? जानें स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
यदि आपका कोई पुराना पीएनबी खाता है जिसे आप भविष्य में इस्तेमाल करना चाहते हैं और बंद होने से बचाना चाहते हैं, तो 10 नवंबर से पहले नीचे दी गई प्रक्रिया पूरी करें:
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बैंक शाखा में जाएं: अपने नजदीकी पीएनबी शाखा (होम ब्रांच या कोई भी गैर-गृह शाखा) में संपर्क करें।
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री-एक्टिवेशन आवेदन पत्र भरें: शाखा से खाता पुनः सक्रिय (Account Reactivation) करने का फॉर्म लेकर भरें और हस्ताक्षर करें।
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केवाईसी दस्तावेज संलग्न करें: फॉर्म के साथ अपनी नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो और वैध आधिकारिक पहचान/पते के प्रमाण पत्रों की स्व-प्रमाणित (Self-attested) फोटोकॉपी जमा करें।
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सत्यापन और न्यूनतम जमा: बैंक अधिकारी आपके दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन करेंगे। सत्यापन पूरा होने के बाद खाते को दोबारा सक्रिय करने के लिए उसमें न्यूनतम राशि जमा करके पहला वैध लेनदेन पूरा करें।
केवाईसी अपडेशन के लिए इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
खाता दोबारा सक्रिय कराने या सामान्य केवाईसी अपडेट करने के लिए ग्राहकों को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित 'ऑफिशियली वैलिड डॉक्यूमेंट्स' (OVD) प्रस्तुत करने होते हैं:
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पहचान व पते का प्रमाण: आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या नरेगा जॉब कार्ड।
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वित्तीय पहचान: पैन कार्ड (PAN Card) या पैन न होने की स्थिति में फॉर्म 60।
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पासपोर्ट साइज फोटो: हाल ही में खींची गई दो रंगीन पासपोर्ट साइज तस्वीरें।
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चालू मोबाइल नंबर: बैंक खाते से लिंक कराने के लिए सक्रिय मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी।
घर बैठे भी अपडेट कर सकते हैं नियमित केवाईसी
यदि आपका खाता सक्रिय है लेकिन आपकी नियमित री-केवाईसी (Re-KYC) लंबित है, तो पीएनबी ने अपने ग्राहकों को डिजिटल सुविधाएं भी दी हैं। ग्राहक बैंक के मोबाइल ऐप 'PNB ONE' में जाकर My Profile सेक्शन से सीधे अपनी केवाईसी स्थिति देख सकते हैं और विवरण अपडेट कर सकते हैं।
इसके अलावा, यदि आपके पते या पहचान में कोई बदलाव नहीं हुआ है, तो बैंक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से एसएमएस भेजकर, नेट बैंकिंग पोर्टल से या रजिस्टर्ड ईमेल से भी जरूरी घोषणा पत्र भेजा जा सकता है। हालांकि, जो खाते पिछले तीन साल से पूरी तरह बंद और शून्य बैलेंस वाले हैं, उनके धारकों को सलाह दी जाती है कि वे व्यक्तिगत रूप से अपनी शाखा जाकर ही औपचारिकताएं पूरी करें।
किसी भी दुविधा की स्थिति में इन हेल्पलाइन नंबरों पर करें संपर्क
यदि आपको यह याद नहीं है कि आपके पुराने खाते में बैलेंस कितना है या वह 3 साल की निष्क्रियता सूची में शामिल है या नहीं, तो बैंक शाखा जाने से पहले आप पीएनबी के आधिकारिक टोल-फ्री कस्टमर केयर नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। ग्राहक 1800-1800 या 1800-2021 पर कॉल करके अपने खाता नंबर के साथ वर्तमान स्थिति की सटीक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। समय रहते की गई यह छोटी सी पड़ताल आपको भविष्य में खाता बंद होने और दोबारा नए खाते की लंबी कागजी कार्रवाई से बचा लेगी।