गोविंदा संग रिश्ते पर उंगली उठाने वालों पर फूटा रानी स्वर्णकार का गुस्सा: 'दूसरों पर कीचड़ उछालते शर्म नहीं आती?'

गोविंदा संग रिश्ते पर उंगली उठाने वालों पर फूटा रानी स्वर्णकार का गुस्सा: 'दूसरों पर कीचड़ उछालते शर्म नहीं आती?'

फिल्म इंडस्ट्री की चकाचौंध के बीच कलाकारों के निजी जीवन, दोस्ती और पेशेवर रिश्तों को लेकर तरह-तरह की अफवाहें उड़ना कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब इंडस्ट्री के ही कुछ जाने-माने चेहरे किसी रिश्ते को लेकर सार्वजनिक मंच पर छींटाकशी करने लगें, तो विवाद का बड़ा रूप लेना तय है। 90 के दशक के कॉमेडी किंग और बॉलीवुड के दिग्गज सुपरस्टार गोविंदा के साथ अपने जुड़ाव और संबंधों को लेकर लगातार उठ रहे सवालों पर अब जानी-मानी अभिनेत्री और मॉडल रानी स्वर्णकार ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया पर बेबुनियाद दावे करने वाले ट्रोल्स और खासकर इंडस्ट्री के कुछ सेलेब्रिटीज के तंज भरे बयानों से आहत रानी ने अब बेहद कड़े और तल्ख तेवर अपना लिए हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से ऐसे लोगों को खरी-खरी सुनाते हुए पूछा है कि किसी के सम्मान के साथ खिलवाड़ करते हुए और बिना सच जाने अफवाहें फैलाते हुए क्या इन्हें जरा भी शर्म नहीं आती?

बिना सिर-पैर की गॉसिप पर भड़कीं रानी: 'सम्मान और मर्यादा की सीमा न लांघें'

हाल ही में दिए गए एक साक्षात्कार और सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए रानी स्वर्णकार ने उन सभी चर्चाओं पर कड़ा ऐतराज जताया जिनमें गोविंदा और उनके नाम को जोड़कर चटकारे लिए जा रहे थे। रानी ने साफ शब्दों में कहा कि एक वरिष्ठ कलाकार और इंडस्ट्री के दिग्गज के साथ किसी के सामान्य, पेशेवर या पारिवारिक संबंधों को तोड़-मरोड़कर पेश करना बेहद घटिया मानसिकता का परिचायक है।

रानी ने कहा कि जब आम ट्रोल्स ऐसी हरकतें करते हैं तो समझा जा सकता है कि वे लाइक्स और व्यूज के भूखे हैं, लेकिन जब खुद को संजीदा और सुलझा हुआ कहने वाले फिल्म जगत के कुछ जाने-माने चेहरे बिना तथ्यों के किसी महिला के चरित्र और मर्यादा पर उंगली उठाने लगते हैं, तो यह बेहद शर्मनाक हो जाता है। उन्होंने ऐसे लोगों को आईना दिखाते हुए कहा कि दूसरों के घरों और जिंदगियों में ताक-झांक करने से पहले उन्हें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।

सेलेब्स के दोहरे चरित्र पर तीखा वार: 'सामने मीठे, पीठ पीछे जहर उगलते हैं'

रानी स्वर्णकार का यह गुस्सा मुख्य रूप से उन लोगों की तरफ केंद्रित था जो कैमरे के सामने महिलाओं के सम्मान, प्राइवेसी और महिला सशक्तिकरण के लंबे-चौड़े भाषण देते हैं, लेकिन निजी बातचीत या गॉसिप सेशंस में किसी भी महिला का नाम घसीटकर उस पर कीचड़ उछालने में एक पल की भी देर नहीं लगाते।

रानी ने सवाल उठाया कि किसी कलाकार की सालों की मेहनत, उसका आत्मसम्मान और उसकी अपनी पहचान क्या केवल कुछ मिनटों की सस्ती पब्लिसिटी के लिए दांव पर लगाई जा सकती है? उन्होंने कहा कि गोविंदा जी ने भारतीय सिनेमा को दशकों तक अपना खून-पसीना दिया है और उनका कद बहुत बड़ा है। उनके नाम का सहारा लेकर खुद को खबरों में बनाए रखने की यह जो बीमारी कुछ तथाकथित सेलेब्स को लगी है, उसका अब बेनकाब होना जरूरी है। किसी भी रिश्ते की गरिमा होती है और जब तक कोई खुद अपनी बात न रखे, दूसरों को मनगढ़ंत कहानियां गढ़ने का कोई कानूनी या नैतिक अधिकार नहीं है।

आखिर कहां से शुरू हुआ था यह पूरा विवाद?

गौरतलब है कि पिछले कुछ हफ्तों से बॉलीवुड के गलियारों और इंटरनेट फोरम्स पर गोविंदा की निजी जिंदगी और उनके सर्कल को लेकर अजीबोगरीब कयास लगाए जा रहे थे। इसी बीच रानी स्वर्णकार के साथ उनकी पुरानी और नई तस्वीरों, कुछ प्रोजेक्ट्स और मुलाकातों को संदर्भ से काटकर पेश किया जाने लगा।

कुछ यूट्यूब चैनल्स और सोशल मीडिया पेजेस ने तो बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के इसे अफेयर और पारिवारिक तनाव तक से जोड़ दिया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब ग्लैमर जगत के ही कुछ लोगों ने दबे-छिपे शब्दों में इस पर कमेंट्स करने शुरू कर दिए। लगातार ट्रोलिंग और उंगली उठने के बाद जब पानी सिर से ऊपर चला गया, तब रानी ने इस पूरे मामले पर खुलकर सामने आकर स्थिति स्पष्ट करने का फैसला किया।

सोशल मीडिया पर मिला समर्थन: फैंस बोले—'पब्लिसिटी के लिए किसी की मर्यादा न गिराएं'

रानी स्वर्णकार द्वारा लिए गए इस कड़े स्टैंड के बाद सोशल मीडिया पर उनके फैंस और कई अन्य कलाकारों ने खुलकर उनका समर्थन किया है। नेटिजन्स का कहना है कि आज के दौर में व्यूज, क्लिक्स और टीआरपी के लालच में किसी भी महिला की गरिमा और सम्मान को दांव पर लगा देना एक आम चलन बन चुका है, जिसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।

यूजर्स ने कमेंट करते हुए लिखा कि रानी ने बिल्कुल सही सवाल पूछा है कि जब लोग दूसरों के निजी रिश्तों पर बेसिरपैर के आरोप लगाते हैं, तो उनकी इंसानियत और नैतिकता कहां सोई रहती है? कई लोगों ने यह भी मांग की कि बिना पुष्टि के ऐसी भ्रामक खबरें चलाने वाले गॉसिप पोर्टल्स और झूठे दावे करने वाले तथाकथित प्रभावशाली लोगों पर मानहानि की कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

महिलाओं की निजता और चरित्र हनन पर गंभीर सवाल

यह पूरा विवाद एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि डिजिटल मीडिया के इस अनियंत्रित दौर में किसी भी सेलिब्रिटी, विशेषकर महिला कलाकारों के लिए अपनी प्रतिष्ठा बचाना कितना बड़ा संघर्ष बन गया है। जब दो कलाकार साथ काम करते हैं या उनका कोई दोस्ताना संबंध होता है, तो समाज और मीडिया का एक वर्ग तुरंत उसमें मसाला तलाशने लगता है। रानी स्वर्णकार का यह बेबाक पलटवार उन सभी लोगों के मुंह पर करारा तमाचा है जो किसी की चुप्पी को उसकी कमजोरी मान बैठते हैं। रानी के इस कड़े रुख ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी गरिमा और सम्मान के साथ किसी भी सूरत में समझौता नहीं करेंगी।