पाई-पाई जोड़कर सोनम कपूर ने खुद की कमाई से खरीदा था पहला आशियाना
बॉलीवुड के एवरग्रीन सुपरस्टार अनिल कपूर ने अपनी लाडली बेटी और चर्चित अभिनेत्री सोनम कपूर के स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता से जुड़ा एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक किस्सा साझा किया है। आम तौर पर स्टार किड्स को लेकर अक्सर यह धारणा बनी रहती है कि उन्हें हर सुख-सुविधा और विलासिता भरी जिंदगी बिना किसी संघर्ष के चांदी के चम्मच के साथ विरासत में मिल जाती है। लेकिन अनिल कपूर ने अपनी बेटी के शुरुआती संघर्ष और आर्थिक आत्मनिर्भरता का ऐसा सच उजागर किया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। अनिल कपूर ने गर्व से खुलासा किया कि सोनम ने अपने जीवन का पहला घर पिता के पैसों या पारिवारिक संपत्ति के दम पर नहीं, बल्कि करियर के शुरुआती दिनों में एक-एक रुपया जोड़कर अपनी खुद की गाढ़ी कमाई से खरीदा था। एक पिता के रूप में बेटी की इस स्वावलंबी सोच और मेहनत ने उनका सीना गर्व से चौड़ा कर दिया था।
'इंडिया के टॉप 1%' शो में भावुक हुए अनिल कपूर: रुपाली गांगुली के सामने बयां किया बेटी का संघर्ष
यह दिल छू लेने वाला वाकया उस समय सामने आया जब अनिल कपूर स्टार प्लस के लोकप्रिय गेम रियलिटी शो 'इंडिया के टॉप 1%' (India Ke Top 1%) के विशेष एपिसोड की मेजबानी कर रहे थे। जियो हॉटस्टार पर हर हफ्ते स्ट्रीम होने वाले इस शो में दर्शकों और परिवारों को 'प्ले अलॉन्ग' के जरिए एक साथ खेलने और जुड़ने का मौका मिलता है। इसी शो के एक खास सेगमेंट में छोटे पर्दे की सुपरस्टार और मशहूर टीवी सीरियल 'अनुपमा' फेम अभिनेत्री रुपाली गांगुली विशेष अतिथि के रूप में मंच पर पहुंची थीं। मंच पर बातचीत के दौरान जब महिलाओं के वित्तीय सशक्तिकरण और अपने सपनों के घर का विषय उठा, तो दोनों दिग्गज कलाकारों के बीच बेहद आत्मीय चर्चा शुरू हो गई, जिसमें अनिल कपूर ने अपनी बेटी के पहले आशियाने से जुड़े अनसुने पहलुओं से पर्दा उठाया।
अनुपमा के 'अपने घर' के सपने पर छलका दर्द: एक महिला के लिए क्यों जरूरी है खुद की छत
शो के दौरान रुपाली गांगुली ने अपने सुपरहिट धारावाहिक 'अनुपमा' के उस भावनात्मक सफर का जिक्र किया, जहां हर मध्यमवर्गीय महिला की तरह अनुपमा भी अपने स्वाभिमान और पहचान के लिए अपने खुद के घर का सपना देखती है। रुपाली ने बड़ी संजीदगी से कहा कि किसी भी महिला के लिए उसकी अपनी छत केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं होती, बल्कि वह उसके आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और अपनेपन का सबसे बड़ा प्रतीक होती है। जब एक महिला अपनी मेहनत से घर बनाती है, तो वह समाज में अपनी स्वतंत्र पहचान दर्ज कराती है। रुपाली की इस बात से पूरी तरह सहमति जताते हुए अनिल कपूर भावुक हो गए और उन्होंने अपनी बेटी सोनम कपूर के जीवन का वह अहम पन्ना खोला जो आज की हर कामकाजी और आत्मनिर्भर युवा पीढ़ी के लिए एक बड़ी मिसाल है।
'मुझे एक पैसा देने की जरूरत नहीं पड़ी': सिंगापुर से लौटकर भंसाली की असिस्टेंट बनी थीं सोनम
अनिल कपूर ने बेटी सोनम के शुरुआती करियर के दिनों को याद करते हुए मंच से साझा किया कि सोनम हमेशा से अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती थी। उन्होंने कहा कि सोनम ने अपने खुद के कमाए पैसों से अपना पहला घर बनाया और उन्हें एक पिता के तौर पर बेटी के लिए घर खरीदने की कोई जरूरत ही नहीं पड़ी। सोनम ने सिंगापुर से अपनी पढ़ाई पूरी की और भारत लौटते ही सीधे स्टारडम की राह चुनने के बजाय पर्दे के पीछे कड़ी मेहनत करने का फैसला किया। वह दिग्गज फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली की टीम में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर शामिल हुईं। भंसाली साहब के निर्देशन में काम करते हुए उन्होंने फिल्म निर्माण की बारीकियां सीखीं। इस दौरान मिलने वाले साधारण वेतन और मेहनताने से सोनम ने थोड़े-थोड़े पैसे जमा करने शुरू किए। पाई-पाई बचाकर और फिजूलखर्ची से बचकर उन्होंने खुद के दम पर मुंबई में अपना पहला फ्लैट खरीदा।
'ब्लैक' के सेट से 'सांवरिया' तक का सफर: नीरजा और रांझणा से बॉलीवुड में बनाई अलग पहचान
सोनम कपूर के फिल्मी सफर पर नजर डालें तो उन्होंने कैमरे के सामने आने से पहले काफी जमीनी मेहनत की थी। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2005 में रिलीज हुई अमिताभ बच्चन और रानी मुखर्जी की कालजयी फिल्म 'ब्लैक' में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में की थी। संजय लीला भंसाली सोनम के काम और समर्पण से बेहद प्रभावित हुए और उन्होंने साल 2007 में रणबीर कपूर के अपोजिट फिल्म 'सांवरिया' से सोनम को मुख्य अभिनेत्री के तौर पर बड़ा ब्रेक दिया। हालांकि शुरुआती फिल्मों के बाद सोनम ने लीक से हटकर कहानियों का चुनाव किया। उन्होंने 'रांझणा' में जोया के जटिल किरदार और 'भाग मिल्खा भाग' में अपने सहज अभिनय से दर्शकों का दिल जीता। इसके बाद साल 2016 में आई बायोपिक फिल्म 'नीरजा' में बहादुर फ्लाइट अटेंडेंट नीरजा भानोत के किरदार को जीवंत कर उन्होंने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार का विशेष उल्लेख प्राप्त किया और खुद को एक सशक्त अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया।