CJP प्रोटेस्ट में विशाल ददलानी की नारेबाजी: 'गो ज्ञानू गो' के नारों से गूंजा शिवाजी पार्क, बोले- जब तक इस्तीफा नहीं...

CJP प्रोटेस्ट में विशाल ददलानी की नारेबाजी: 'गो ज्ञानू गो' के नारों से गूंजा शिवाजी पार्क, बोले- जब तक इस्तीफा नहीं...

मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन में उस वक्त नया जोश देखने को मिला, जब बॉलीवुड के मशहूर संगीतकार और गायक विशाल ददलानी सीधे सड़क पर उतर आए। नागरिक अधिकारों के लिए संघर्षरत मंच 'सिटीजंस फॉर जस्टिस एंड पीस' (CJP) और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित इस जनसभा में विशाल ददलानी ने न केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि मंच संभालते ही बेहद आक्रामक और व्यंग्यात्मक अंदाज में नारेबाजी भी शुरू कर दी। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 'गो ज्ञानू गो' का नारा लगवाया और साफ शब्दों में कहा कि यह आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा जब तक लोकतंत्र और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती।

शिवाजी पार्क में विरोध को मिला म्यूजिकल ट्विस्ट: 'मेरा रंग दे बसंती चोला, ज्ञानू उठा ले झोला'

प्रदर्शन स्थल पर युवाओं और नागरिकों की भारी भीड़ के बीच पहुंचे विशाल ददलानी ने अपने चिर-परिचित बेबाक अंदाज में विरोध को एक म्यूजिकल टच दिया। उन्होंने देशभक्ति गीत की तर्ज पर पैरोडी गाते हुए भीड़ से नारे लगवाए—"मेरा रंग दे बसंती चोला, ज्ञानू उठा ले झोला" और "जोर से बोलो, गो ज्ञानू गो"। ददलानी के इस आह्वान पर वहां मौजूद युवाओं और प्रदर्शनकारियों ने एक सुर में नारेबाजी की।

विशाल ददलानी ने आरोप लगाया कि देश के निर्वाचन तंत्र और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक लोकतंत्र को कमजोर करने वाले शीर्ष पद से हट नहीं जाते और जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक जनता का यह संघर्ष सड़कों से लेकर संसद तक लगातार जारी रहेगा।

'आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक न्याय नहीं मिलता': ददलानी की दो-टूक

मंच से अपने संबोधन में विशाल ददलानी ने कहा कि वोट देने का अधिकार किसी दल या नेता की मेहरबानी नहीं, बल्कि संविधान द्वारा दिया गया देश के हर नागरिक का बुनियादी और मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि जब व्यवस्था नागरिकों की आवाज सुनने से इनकार कर दे, तब जनता का सड़कों पर उतरना मजबूरी बन जाता है।

ददलानी ने मंच से स्पष्ट किया कि मुंबई से शुरू हुआ यह 'जेल भरो आंदोलन' केवल एक दिन का सांकेतिक जमावड़ा नहीं है, बल्कि यह एक राष्ट्रव्यापी मुहिम का रूप ले रहा है। जब तक स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के नाम पर वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों की पारदर्शी जांच नहीं होती और मुख्य चुनाव आयुक्त अपनी जिम्मेदारी स्वीकारते हुए पद नहीं छोड़ते, तब तक यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।

बॉलीवुड और नागरिक समाज के कई बड़े चेहरे भी उतरे मैदान में

शिवाजी पार्क में आयोजित इस विशाल प्रदर्शन में केवल विशाल ददलानी ही नहीं, बल्कि सिनेमा जगत और रंगमंच के कई अन्य प्रमुख चेहरे भी एकजुट दिखे। दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, मशहूर अभिनेत्री शबाना आजमी, फिल्मकार विशाल भारद्वाज और एक्ट्रेस शर्लिन चोपड़ा समेत कई चर्चित हस्तियां भी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचीं और आंदोलनकारियों का हौसला बढ़ाया। सभी कलाकारों ने एक सुर में कहा कि किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक हक है और इसे पुलिसिया पहरे या परमिशन की तकनीकी अड़चनों से दबाया नहीं जा सकता।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, इंटरनेट पर छिड़ी जोरदार बहस

विशाल ददलानी द्वारा मंच से लगाए गए नारों और भाषण के वीडियो इंटरनेट पर आते ही तेजी से ट्रेंड करने लगे। जहां आंदोलन समर्थकों और युवा वर्ग ने उनके इस खुले और निडर रुख की सराहना की, वहीं विरोधी खेमे और सोशल मीडिया ट्रोल्स ने इसे 'पॉलिटिकल स्टंट' और 'ड्रामा' करार देकर उन पर तंज कसना शुरू कर दिया। कई यूजर्स ने लिखा कि कलाकारों को तटस्थ रहना चाहिए, जबकि ददलानी के समर्थकों का तर्क था कि जब देश के लोकतांत्रिक ढांचे पर सवाल खड़े हों, तो हर जागरूक नागरिक और कलाकार का आवाज उठाना अनिवार्य कर्तव्य बन जाता है। बहरहाल, विशाल ददलानी की इस मौजूदगी ने मुंबई के इस आंदोलन को राष्ट्रीय सुर्खियों में ला खड़ा किया है।