चक्रवात 'अर्णब' ने आंध्र में मचाई तबाही, 5 की मौत; अब ओडिशा-छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ा तूफान
बंगाल की खाड़ी से उठा भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्णब' (Cyclone Arnab) आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाने के बाद अब जमीन के अंदरूनी हिस्सों की ओर आगे बढ़ गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तूफान ने आंध्र प्रदेश और यानम तट के बीच नरसापुर के पास 125 से 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ लैंडफॉल की प्रक्रिया पूरी की। तट से टकराने के बाद यह तूफान धीरे-धीरे कमजोर होकर 'गंभीर चक्रवाती तूफान' और फिर गहरे दबाव (Deep Depression) में तब्दील हो गया है। वर्तमान में यह मौसमी तंत्र उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए दक्षिणी ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सीमा की ओर अग्रसर है, जिसके कारण मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में मौसम पूरी तरह बदल चुका है।
चक्रवात 'अर्णब' अब कहां गया? ओडिशा, छत्तीसगढ़ और यूपी में भारी बारिश का अलर्ट
लैंडफॉल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चक्रवात 'अर्णब' की शक्ति में कमी जरूर आई है, लेकिन इसके साथ आए नमी से भरे बादलों का दायरा कई राज्यों तक फैल गया है। मौसम विभाग के अनुसार, यह तंत्र अब कमजोर पड़ते हुए ओडिशा के दक्षिणी जिलों को पार कर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है।
इस मौसमी सिस्टम के चलते ओडिशा के गंजम, कोरापुट, पुरी और कटक जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी चक्रवात के अवशिष्ट प्रभाव (Remnants) के कारण तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। समुद्र से आ रही नम हवाएं मैदानी इलाकों में स्थानीय विक्षोभ से टकरा रही हैं, जिससे अगले 24 से 48 घंटे इन राज्यों के लिए बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।
आंध्र प्रदेश में आंधी और करंट की चपेट में आने से 5 लोगों की मौत
चक्रवात 'अर्णब' ने आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में भयंकर नुकसान पहुंचाया है। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के चलते राज्य में कुल 5 लोगों की जान चली गई। सरकारी अधिकारियों और आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, ये मौतें पेड़ गिरने और बिजली के खंभे व तार टूटने से करंट (इलेक्ट्रोक्यूशन) लगने के कारण हुईं।
विशाखापत्तनम, अनकापल्ली, काकीनाड़ा, डॉ. बी.आर. आंबेडकर कोनासीमा और पश्चिम गोदावरी जिलों से एक-एक व्यक्ति की मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई है। विशाखापत्तनम में 24 घंटे के भीतर 220 मिमी से अधिक की भारी वर्षा दर्ज की गई, जिससे शहर के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए और सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन घंटों तक ठप रहा।
खेतों में बिछ गई फसलें और गिरे 15 हजार बिजली के खंभे: बुनियादी ढांचे को बड़ा झटका
चक्रवात के तांडव ने आंध्र प्रदेश के बुनियादी ढांचे और कृषि क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया है। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, पूरे राज्य में लगभग 15,000 बिजली के खंभे उखड़ गए, जिसके कारण कई जिलों में पूरी रात ब्लैकआउट की स्थिति बनी रही। राज्य राजमार्गों पर 220 से अधिक पेड़ गिरे, जिन्हें साफ करने के लिए आपदा राहत टीमों (NDRF और SDRF) को भारी मशक्कत करनी पड़ी।
किसानों के लिए यह तूफान किसी आपदा से कम साबित नहीं हुआ। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा साझा किए गए प्राथमिक आकलन के मुताबिक, 14 जिलों में करीब 3.45 लाख किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। लगभग 70,900 हेक्टेयर से अधिक कृषि व बागवानी भूमि, विशेष रूप से धान की पकी फसलें पानी में डूब गईं या बर्बाद हो गईं। कोनासीमा और आसपास के क्षेत्रों में 180 से अधिक घरों के पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।
सीएम चंद्रबाबू नायडू का बड़ा एक्शन: मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और किसानों के लिए राहत पैकेज
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों के साथ आपातकालीन समीक्षा बैठक की और प्रभावित इलाकों का जमीनी दौरा शुरू किया। सीएम नायडू ने जान गंवाने वाले 5 लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹5 लाख की अनुग्रह राशि (Ex-gratia) देने की घोषणा की है। इसके अलावा, चक्रवात से प्रभावित प्रति व्यक्ति को तात्कालिक सहायता के तौर पर ₹1,000 की वित्तीय मदद देने का भी ऐलान किया गया।
फसल नुकसान से जूझ रहे किसानों के लिए मुख्यमंत्री ने फसल-वार विशेष राहत सहायता की घोषणा की है:कपास और गन्ने की क्षतिग्रस्त फसल पर ₹25,000 प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जाएगा।केले के बागानों के नुकसान पर ₹15,000 प्रति हेक्टेयर की सहायता राशि दी जाएगी।टमाटर उत्पादक किसानों को ₹25,000 प्रति हेक्टेयर की आर्थिक मदद मिलेगी। अन्य प्रभावित फसलों के लिए सरकारी राहत मानकों के आधार पर त्वरित मुआवजा जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखकर राज्य में हुए भारी नुकसान से अवगत कराया है और केंद्र से अंतरिम राहत दल भेजने की अपील की है। सीएम ने अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर बिजली और पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बहाल करने और प्रभावित परिवारों तक सूखा राशन व पीने का साफ पानी पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए हैं। चक्रवात का मुख्य खतरा भले ही आंध्र तट से आगे निकल चुका हो, लेकिन ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों में अगले 48 घंटों तक सतर्कता बनाए रखने की अपील की गई है।