प्रज्ञान ओझा बने टीम इंडिया के नए चीफ सिलेक्टर, रमेश पवार की कमेटी में एंट्री; BCCI ने किया बड़ा ऐलान

प्रज्ञान ओझा बने टीम इंडिया के नए चीफ सिलेक्टर, रमेश पवार की कमेटी में एंट्री; BCCI ने किया बड़ा ऐलान

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सीनियर पुरुष राष्ट्रीय चयन समिति में अहम बदलाव करते हुए पूर्व बाएं हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा को नया मुख्य चयनकर्ता (चीफ सिलेक्टर) नियुक्त कर दिया है। पूर्व तेज गेंदबाज अजीत अगरकर का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह पद खाली हुआ था। अशोक मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) की सिफारिशों के बाद बोर्ड ने औपचारिक रूप से नए पैनल के गठन को हरी झंडी दे दी है। इसके साथ ही पूर्व ऑफ स्पिनर और भारतीय महिला टीम के पूर्व मुख्य कोच रमेश पवार को पांच सदस्यीय चयन समिति में नए सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

प्रज्ञान ओझा के मुख्य चयनकर्ता बनने के पीछे बीसीसीआई का वरिष्ठता से जुड़ा संवैधानिक नियम सबसे अहम रहा। बोर्ड के नियमों के मुताबिक, चयन समिति में जिस पूर्व क्रिकेटर ने भारत के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेले होते हैं, वह स्वतः ही चयन समिति का चेयरमैन बनता है। मौजूदा पांच सदस्यीय पैनल में प्रज्ञान ओझा 24 टेस्ट मैचों के अनुभव के साथ सबसे सीनियर खिलाड़ी हैं, जिसकी बदौलत उन्हें भारतीय क्रिकेट की सबसे ताकतवर चयन कुर्सी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

रमेश पवार की कमेटी में एंट्री और वेस्ट जोन का प्रतिनिधित्व

अजीत अगरकर के हटने के बाद वेस्ट जोन से खाली हुए पद को भरने के लिए सीएसी ने व्यापक साक्षात्कार प्रक्रिया आयोजित की थी। इस दौड़ में कई पूर्व दिग्गज खिलाड़ी शामिल थे, लेकिन रमेश पवार का कोचिंग और प्रशासनिक अनुभव उन पर भारी पड़ा। रमेश पवार ने भारत के लिए 2 टेस्ट और 31 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। इसके अलावा वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच, मुंबई व गुजरात रणजी टीम के कोच और नेशनल क्रिकेट एकेडमी (अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) में स्पिन गेंदबाजी कोच के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के खिलाड़ियों की जमीनी समझ और रणनीति तैयार करने के उनके लंबे अनुभव को देखते हुए सीएसी ने उन्हें वेस्ट जोन के प्रतिनिधि के रूप में पैनल में शामिल करने की सिफारिश की। पवार का यह अनुभव टीम इंडिया के लिए नए टैलेंट की पहचान करने और बेंच स्ट्रेंथ को मजबूत करने में काफी मददगार साबित होगा।

5 सदस्यीय चयन समिति का नया स्वरूप और टेस्ट कैप्स का गणित

बीसीसीआई द्वारा पुनर्गठित नई चयन समिति में देश के पांचों प्रमुख जोनों का प्रतिनिधित्व पूरी तरह संतुलित किया गया है। इस समिति के सदस्यों और उनके अंतरराष्ट्रीय अनुभव पर नजर डालें तो संतुलन साफ दिखाई देता है:

  1. प्रज्ञान ओझा (चेयरमैन / चीफ सिलेक्टर): 24 टेस्ट, 18 वनडे और 2 टी20 इंटरनेशनल मैच (कुल 113 टेस्ट विकेट)।

  2. शिव सुंदर दास (सदस्य - ईस्ट जोन): 23 टेस्ट और 4 वनडे मैच।

  3. रुद्र प्रताप सिंह / आरपी सिंह (सदस्य - सेंट्रल जोन): 14 टेस्ट, 58 वनडे और 10 टी20 इंटरनेशनल मैच।

  4. अजय रात्रा (सदस्य - नॉर्थ जोन): 6 टेस्ट और 12 वनडे मैच।

  5. रमेश पवार (सदस्य - वेस्ट जोन): 2 टेस्ट और 31 वनडे मैच।

चयन समिति के सभी सदस्यों में 24 टेस्ट के साथ ओझा शीर्ष पर हैं, जबकि शिव सुंदर दास 23 टेस्ट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। यही वजह है कि रमेश पवार के पैनल में आने के बावजूद चेयरमैन का पद प्रज्ञान ओझा के खाते में गया।

अजीत अगरकर के सफल कार्यकाल का समापन, बोर्ड ने जताया आभार

बीसीसीआई ने नवनियुक्त पैनल की घोषणा के साथ ही पूर्व चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर के योगदान की भी सराहना की। अगरकर ने जुलाई 2023 में चेतन शर्मा की जगह यह पद संभाला था और उनके कार्यकाल के दौरान भारतीय क्रिकेट ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं।

अगरकर के नेतृत्व में टीम इंडिया ने आईसीसी टूर्नामेंट्स में शानदार निरंतरता दिखाई, टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया और एशिया कप में जीत दर्ज की। साथ ही रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों के टी20 संन्यास के बाद सबसे छोटे प्रारूप में शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल और अन्य युवाओं को मुख्य धारा में लाने का श्रेय भी अगरकर के पैनल को जाता है। बोर्ड ने उनके कार्यकाल को परिवर्तनकारी और बेहद सफल करार दिया।

प्रज्ञान ओझा और नई कमेटी के सामने हैं ये बड़ी चुनौतियां

नए चीफ सिलेक्टर के रूप में प्रज्ञान ओझा और उनकी समिति का कार्यकाल बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर शुरू हो रहा है। भारतीय क्रिकेट इस समय तीनों प्रारूपों में रणनीतिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। नई चयन समिति के सामने प्रमुख रूप से निम्नलिखित बड़ी जिम्मेदारियां होंगी:

  • वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC): टेस्ट क्रिकेट में लगातार शीर्ष पर बने रहने के लिए लाल गेंद के फॉर्मेट में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के बीच संतुलन साधना।

  • आईसीसी इवेंट्स के लिए कोर ग्रुप: आगामी सीमित ओवरों के वैश्विक टूर्नामेंट्स और चैंपियंस ट्रॉफी के लिए 15 से 20 खिलाड़ियों का मजबूत कोर तैयार करना।

  • सीनियर खिलाड़ियों का वर्कलोड मैनेजमेंट: लगातार व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर को देखते हुए तेज गेंदबाजों और प्रमुख बल्लेबाजों के कार्यभार का वैज्ञानिक प्रबंधन करना।

  • घरेलू क्रिकेट और आईपीएल प्रतिभाओं को मंच: रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी और आईपीएल से उभरने वाले खिलाड़ियों को बिना देर किए नेशनल सेटअप में शामिल करना।

प्रज्ञान ओझा की पहचान मैदान पर उनके शांत स्वभाव और रणनीतिक सोच के लिए रही है। सचिन तेंदुलकर के ऐतिहासिक 200वें टेस्ट मैच में 'मैन ऑफ द मैच' रहे ओझा अब चयनकर्ता के रूप में भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार हैं।