तो टल गया बॉक्स ऑफिस का महा-क्लैश? 'रामायण' के खौफ से हॉलीवुड की 'गॉडजिला' ने खींचे कदम
वैश्विक सिनेमा प्रेमियों की निगाहें पिछले काफी समय से उस तारीख पर टिकी हुई थीं, जब भारतीय सिनेमा के इतिहास का सबसे महत्वाकांक्षी महाकाव्य प्रोजेक्ट 'रामायण' और हॉलीवुड का सबसे सफल मॉन्स्टरवर्स यानी 'गॉडजिला' फ्रैंचाइजी एक साथ बड़े पर्दे पर टकराने वाले थे। बॉक्स ऑफिस के इतिहास में ऐसा मौका बहुत कम देखने को मिलता है जब भारत की एक स्थानीय रूप से निर्मित पौराणिक फिल्म के प्रभाव को देखते हुए हॉलीवुड के सबसे बड़े स्टूडियोज को अपनी रिलीज रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर होना पड़े। हालिया अंतरराष्ट्रीय ट्रेड रिपोर्ट्स और इनसाइडर खबरों के मुताबिक, हॉलीवुड की इस महाकाय फिल्म के निर्माताओं ने अपनी रिलीज विंडो को आगे खिसकाने का मन बना लिया है, जिसे फिल्मी गलियारों में 'रामायण' की अभूतपूर्व सुनामी से बचने का एक सोचा-समझा रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
'रामायण' का अभूतपूर्व विजन: हॉलीवुड के लिए क्यों बनी खतरे की घंटी
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही 'रामायण' केवल एक भारतीय फिल्म नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जा रहा एक विजुअल मार्वल है। रणबीर कपूर (भगवान राम), साई पल्लवी (माता सीता) और यश (रावण) जैसे पैन-इंडिया सुपरस्टार्स से सजी इस फिल्म का वीएफएक्स (VFX) ऑस्कर विजेता स्टूडियो डीएनईजी (DNEG) द्वारा तैयार किया जा रहा है। फिल्म का स्केल और बजट इतना विशाल है कि इसने रिलीज से पहले ही अमेरिका, यूरोप और एशियाई बाजारों में भारी डिस्ट्रीब्यूशन हाइप पैदा कर दी है। ऐसे में यदि कोई भी हॉलीवुड फिल्म इसके साथ सीधे क्लैश में उतरती, तो भारत, मिडिल ईस्ट और दक्षिण-पूर्व एशिया के प्रमुख आईमैक्स (IMAX) व 3D स्क्रीन्स का बड़ा हिस्सा 'रामायण' के खाते में जाना तय था। किसी भी बड़ी हॉलीवुड फ्रेंचाइजी के लिए एशियाई बाजार से होने वाला यह संभावित नुकसान एक बड़ा वित्तीय जोखिम साबित हो सकता था।
स्क्रीन शेयरिंग और आईमैक्स फॉर्मेट्स को लेकर छिड़ी थी अंदरूनी जंग
हॉलीवुड फिल्म द्वारा कदम पीछे खींचने की सबसे बड़ी व्यावहारिक वजह दुनिया भर के प्रीमियम थिएटर्स और आईमैक्स स्क्रीन्स की उपलब्धता को माना जा रहा है। 'रामायण' के निर्माताओं ने पहले ही वैश्विक स्तर पर आईमैक्स कॉर्पोरेशन के साथ व्यापक साझेदारी और एडवांस स्क्रीन लॉकिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। भारत में मौजूद लगभग सभी प्रमुख आईमैक्स और 4DX स्क्रीन्स पर 'रामायण' का पूर्ण एकाधिकार होना तय माना जा रहा था। जब दो भारी-भरकम वीएफएक्स वाली फिल्में एक ही दिन रिलीज होती हैं, तो दर्शकों का बंटवारा होने से दोनों ही प्रोजेक्ट्स के ओपनिंग वीकेंड के आंकड़ों पर बुरा असर पड़ता है। हॉलीवुड स्टूडियोज के विश्लेषकों ने इस गणित को भांपते हुए यह निष्कर्ष निकाला कि टकराव के बजाय कुछ हफ्तों का गैप लेना ही व्यावसायिक रूप से सबसे समझदारी भरा फैसला होगा।
क्या सचमुच टल गया महा-क्लैश: मेकर्स की नई रणनीति का संकेत
विदेशी मीडिया आउटलेट्स और बॉक्स ऑफिस ट्रैकर्स के अनुसार, मॉन्स्टरवर्स की अगली किस्त के मेकर्स अब एक सोलो और ओपन रिलीज विंडो की तलाश कर रहे हैं, जहां उन्हें किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय या स्थानीय ब्लॉकबस्टर से सीधे दो-दो हाथ न करने पड़ें। हालांकि स्टूडियो की ओर से अभी आधिकारिक प्रेस नोट जारी होना बाकी है, लेकिन डिस्ट्रीब्यूशन सर्कल्स में रिलीज डेट को कुछ हफ्ते आगे या पीछे शिफ्ट करने की बातचीत लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस संभावित बदलाव से दोनों ही फिल्मों को बिना किसी समझौते के भरपूर स्क्रीन्स, बेहतर शोज और दुनिया भर में रिकॉर्डतोड़ कमाई करने का खुला मैदान मिल सकेगा।
दर्शकों और सिनेमा मालिकों के लिए राहत की सांस
यदि यह महा-क्लैश आधिकारिक तौर पर टल जाता है, तो यह सिनेमाघरों के मालिकों (एग्जिबिटर्स) और दर्शकों—दोनों के लिए सबसे बड़ी राहत होगी। मल्टीप्लेक्स एसोसिएशनों को स्क्रीन्स और शोज बांटने के सिरदर्द से निजात मिल जाएगी, वहीं दर्शकों को भी अपनी जेब और समय पर बिना दबाव डाले दोनों ही विजुअल स्पेक्टेकल्स का अलग-अलग बड़े पर्दे पर पूरा आनंद लेने का मौका मिलेगा। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर यह साबित कर दिया है कि भारतीय सिनेमा अब उस मुकाम पर पहुंच चुका है जहां उसकी भव्यता और दर्शक आधार के आगे हॉलीवुड के सबसे बड़े टाइटन्स को भी अपनी चालें संभलकर चलनी पड़ रही हैं।