इथियोपिया में भीषण आतंकी हमला: ऑर्थोडॉक्स ईसाई चर्चों और गांवों को बनाया निशाना, 40 से ज्यादा लोगों की दर्दनाक मौत

इथियोपिया में भीषण आतंकी हमला: ऑर्थोडॉक्स ईसाई चर्चों और गांवों को बनाया निशाना, 40 से ज्यादा लोगों की दर्दनाक मौत

अफ्रीकी महाद्वीप के अशांत देश इथियोपिया से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। देश के मध्यवर्ती और सबसे बड़े राज्य ओरोमिया (Oromia) में अज्ञात भारी हथियारों से लैस हमलावरों ने कई ऑर्थोडॉक्स ईसाई चर्चों और उनसे सटे गांवों को निशाना बनाते हुए कत्लेआम मचाया है। प्रत्यक्षदर्शियों, स्थानीय चर्च प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय संघर्ष निगरानी संस्था 'एक्लेड' (ACLED) के अनुसार, इस अचानक और सुनियोजित हमले में 40 से अधिक निर्दोष नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 18 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हमलावरों ने न केवल प्रार्थना स्थलों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं, बल्कि कई घरों को भी आग के हवाले कर दिया, जिससे सैकड़ों लोग बेघर होकर जान बचाने के लिए जंगलों और पास के सुरक्षित इलाकों की ओर भागने को मजबूर हुए हैं।

प्रार्थना के दौरान बरसीं गोलियां: 'मृतकों का आंकड़ा 46 के पार'

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हमला उस वक्त हुआ जब ग्रामीण और श्रद्धालु शनिवार की सुबह पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों और प्रार्थना के लिए चर्च परिसरों के भीतर और आसपास मौजूद थे। चश्मदीदों ने बताया कि दर्जनों नकाबपोश बंदूकधारी आधुनिक असॉल्ट राइफलों के साथ गांवों में दाखिल हुए और जो भी सामने आया, उस पर गोलियां चला दीं।

हमले का शिकार बने एक प्रमुख चर्च के पादरी (डीकन) ने मीडिया से बातचीत में गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा—"हम इस भयानक और कायरतापूर्ण नरसंहार से गहरे सदमे में हैं। हमारी जानकारी के अनुसार अब तक 46 लोगों की जान जा चुकी है। हमने संघीय सरकार और सुरक्षा बलों से तुरंत हस्तक्षेप कर इलाके में सुरक्षा बहाल करने की गुहार लगाई है, क्योंकि भयभीत ग्रामीणों ने अब पास के अन्य चर्चों में शरण ले रखी है"।

ओरोमिया में जातीय और धार्मिक संघर्ष का पुराना इतिहास

इथियोपिया का ओरोमिया क्षेत्र पिछले कई वर्षों से लगातार जातीय और राजनीतिक हिंसा की आग में झुलस रहा है। हालांकि इस ताजा हमले की जिम्मेदारी आधिकारिक तौर पर किसी भी विद्रोही संगठन ने नहीं ली है, लेकिन स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा विश्लेषक इस तरह के हमलों के पीछे अक्सर 'ओरोमो लिबरेशन आर्मी' (OLA) या स्थानीय चरमपंथी गुटों का हाथ होने का संदेह जताते रहे हैं।

इथियोपिया में ओरोमो और अमहारा समुदायों के बीच जमीन, राजनीतिक प्रभाव और सांस्कृतिक वर्चस्व को लेकर दशकों से तनातनी रही है। चूंकि अमहारा समुदाय की एक बड़ी आबादी इथियोपियाई ऑर्थोडॉक्स चर्च से गहराई से जुड़ी है, इसलिए इस अशांत क्षेत्र में धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर जातीय तनाव को और भड़काने की साजिशें पहले भी देखी गई हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग

इस भीषण नरसंहार के बाद राजधानी अदीस अबाबा में प्रधानमंत्री अबी अहमद की सरकार पर विपक्ष, मानवाधिकार संगठनों और धार्मिक संस्थाओं का दबाव बढ़ गया है। ऑर्थोडॉक्स चर्च के सर्वोच्च धार्मिक नेतृत्व ने सरकार की विफलता पर तीखी नाराजगी जताई है और सवाल उठाया है कि बार-बार चेतावनी और खुफिया इनपुट्स मिलने के बावजूद दूरदराज के इलाकों में अल्पसंख्यकों और धार्मिक स्थलों को पुख्ता सुरक्षा क्यों नहीं दी जाती।

घायलों को नजदीकी कस्बों के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या में और इजाफे की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा बलों ने अब पूरे इलाके की घेराबंदी कर हमलावरों की तलाश में बड़ा तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।