सनातन की बात करो तो हिंदू ही चढ़ बैठते हैं, मुसलमान से सीखिए': उन्नाव में कथा के दौरान राजा भैया ने हिंदुओं को दी नसीहत
उन्नाव/लखनऊ: जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ 'राजा भैया' ने हिंदू समाज के आंतरिक अंतर्विरोधों और सनातन धर्म के प्रति एकजुटता के अभाव पर बड़ा बयान दिया है। उन्नाव के बीघापुर क्षेत्र स्थित गौरी गांव में आयोजित 'शिवदीप शिव महापुराण कथा' में शामिल होने पहुंचे राजा भैया ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब भी कोई हिंदू सनातन धर्म, संस्कृति या अपने अधिकारों की बात करता है, तो दूसरा हिंदू ही उसका विरोध करने और उस पर चढ़ बैठने के लिए आगे आ जाता है।
राजा भैया ने मुस्लिम समाज का उदाहरण देते हुए हिंदुओं को अपनी सोच बदलने और धार्मिक-सांस्कृतिक मामलों में आपसी एकजुटता दिखाने की सख्त नसीहत दी।
'मुसलमान इस्लाम की बात करता है तो पूरा समाज साथ खड़ा होता है'
प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की मौजूदगी में आयोजित इस धार्मिक सभा में राजा भैया ने दोनों समुदायों की सामाजिक एकजुटता की तुलना करते हुए कहा:
"अगर कोई मुसलमान इस्लाम की बात करता है या अपने धर्म के पक्ष में खड़ा होता है, तो पूरा मुस्लिम समाज एकजुट होकर उसका समर्थन करता है। कोई उसकी आलोचना नहीं करता। लेकिन इसके उलट, जब कोई हिंदू सनातन की बात करता है या धर्म की रक्षा के लिए खड़ा होता है, तो हिंदू ही उस पर चढ़ बैठते हैं। ताने मारे जाते हैं कि 'ये खुद को बहुत बड़ा हिंदू समझते हैं' और उन्हें नसीहतें दी जाने लगती हैं। हिंदू समाज में यह आत्मघाती सोच बंद होनी चाहिए। जब तक हम अपनों के पीछे खड़े होना नहीं सीखेंगे, तब तक हम मजबूत नहीं हो सकते।"
उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को इस हीनभावना और आपसी टांग-खिंचाई की मानसिकता से बाहर निकलकर अपने धार्मिक मूल्यों और परंपराओं के प्रति जागरूक व संगठित होना होगा।
'हिंदुत्व और सनातन के बिना भारत की कल्पना अधूरी'
राजा भैया ने अपने संबोधन में रेखांकित किया कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और उसका लोकतांत्रिक ढांचा सनातन धर्म के अस्तित्व से ही सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये समाज को जोड़ने, संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का माध्यम हैं।
उन्होंने उपस्थित जनसमूह से अपील की कि वे जातियों और आपसी भेदभाव से ऊपर उठकर धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर एक-दूसरे का संबल बनें और सनातन धर्म की रक्षा के लिए संकल्पित रहें।
पंडित प्रदीप मिश्रा और सांसद मनोज तिवारी भी रहे मंच पर मौजूद
गौरी गांव में चल रहे इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान में कई प्रमुख हस्तियों ने हिस्सा लिया:
-
पंडित प्रदीप मिश्रा का संदेश: अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने शिव महापुराण के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए श्रद्धालुओं को आडंबरों और दिखावे से दूर रहने, निर्मल मन से भगवान शिव की आराधना करने और जीवन में सात्विकता व परिश्रम अपनाने का आह्वान किया।
-
मनोज तिवारी के भजनों पर झूमे श्रद्धालु: कार्यक्रम में उत्तर-पूर्वी दिल्ली से सांसद और प्रसिद्ध भोजपुरी गायक-अभिनेता मनोज तिवारी भी शामिल हुए। उन्होंने भगवान शिव, श्रीराम और सनातन परंपरा पर आधारित भजनों की प्रस्तुति दी, जिस पर पांडाल में उपस्थित हजारों श्रद्धालु झूमते नजर आए।
उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में राजा भैया के इस दो-टूक बयान को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि वे समय-समय पर सनातन धर्म, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और सामाजिक एकता के मुद्दों पर मुखर होकर अपनी राय रखते रहे हैं।